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Republic Day: गणतंत्र के 71 साल : इस मंदिर, मस्जिद और चर्च के नाम दर्ज हैं ये रिकॉर्ड, कोई नहीं तोड़ सकता

Tue, 26 Jan 2021 07:49 AM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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Republic Day : India's First in architecture - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इस साल 26 जनवरी को हम आजाद भारत का 72वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। भारत के संविधान को आत्मार्पित किए हुए हमें 71 साल पूरे हो चुके हैं। आजादी के बाद से बीते इन सात दशकों में हमारे देश ने यों तो विभिन्न क्षेत्रों में कई कीर्तिमान रचें हैं, लेकिन आज हम बात करेंगे देश के प्रमुख वास्तुकला और शिल्पकला (आर्किटेक्चर) के नमूनों की जिनके नाम देश का पहला होने का गौरव दर्ज है। यह जानकारी सामान्य ज्ञान का विषय है। इससे संबधित प्रश्न अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यहां दी गई जानकारी सामान्य तौर पर कभी भी बदलने वाली नहीं है। भारत के इतिहास में इन नामों और उनकी उपलब्धियों को हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। प्रस्तुत है वास्तुकला और शिल्पकला के क्षेत्र में देश की विभिन्न पहली उपलब्धियों की जानकारी ...
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Republic Day : India's First in architecture - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कैलासा (कैलाश) मंदिर, एलोरा 
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में प्रसिद्ध एलोरा की गुफाओं में स्थित कैलासा (कैलाश) मंदिर एकल चट्टान से निर्मित पहला मंदिर देश का पहला मंदिर है।  इस मंदिर को बनाने में लगभग 150 वर्ष लगे थे और करीब 7000 मजदूरों की अथक मेहनत ने इसे अंतिम आकार दिया। गुप्त काल के बाद इतना भव्य निर्माण और किसी काल खंड में नहीं हुआ। यह अपनी अद्भुत नक्काशी और कारीगरी के लिए विख्यात है। 

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सेंट थॉमस चर्च, पलायूर
केरल के पलायूर स्थित सेंट थॉमस चर्च, भारत का पहला चर्च है। सेंट थॉमस चर्च की स्थापना सेंट थॉमस द्वारा 52 ईस्वी में पलायूर में हुई थी। यह भारत का सबसे पुराना चर्च है और सेंट थॉमस द्वारा स्थापित सात एपोस्टल में से एक है। मूल छोटी चर्च संरचना को सबसे पुराने स्थल पर बनाए रखा गया है। 17वीं शताब्दी के दौरान इसके चारों ओर पर्याप्त सुधार किए गए थे। सेंट थॉमस द्वारा संरक्षित मूल वेदी अभी भी बरकरार है।
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Republic Day : India's First in architecture - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
चेरामन जुमा मस्जिद, मेथला 
केरल के त्रिशुर जिले के कोडुंगलूर क्षेत्र में स्थित चेरामन जुमा मस्जिद भारत की पहली मस्जिद है। चेरामन पेरुमल मस्जिद के बारे में कहा जाता है कि इसे पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद के जीवन काल में बनाया गया था। यह मस्जिद राजा चेरामन पेरुमल के नाम पर है। दावा है कि राजा ने इस्लाम मजहब स्वीकार कर लिया था और उनके आदेश पर ही 629 ईस्वी में मलिक बिन दीनार ने इसका निर्माण कराया था।  

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कल्लनई बांध, तमिलनाडु
तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली जिले में स्थित कल्लनई बांध देश का पहला बांध है। इसका निर्माण भी भारतीयों ने ही किया था। कहा यह जाता है कि ये 2000 साल पुराना यह बांध विश्व का सबसे प्राचीन बांध है। इसको चोल शासक करिकाल ने बनवाया था। कल्लनई बांध का निर्माण कावेरी नदी पर कराया गया था। यह बांध करीब एक हजार फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा है। यह आज भी सही सलामत है और सिंचाई का एक प्रमुख साधन के तौर पर काम आता है। 
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Republic Day : India's First in architecture - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बृहदेश्वर मंदिर, तमिलनाडु 
तमिलनाडु का बृहदेश्वर मंदिर कई परस्पर संरचनाओं वाला प्रथम भारतीय मंदिर है। तमिलनाडु के तंजौर जिले में स्थित यह मंदिर दक्षिण भारतीय प्राचीन वास्तुकला और शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह भव्य मंदिर विश्व धरोहर के रूप में जाना जाता है। इसका निर्माण 11वीं सदी के आरंभ में हुआ था। यह चोल शासकों की महान कला केंद्र रहा है। यह समकालीन विशालतम संरचनाओं में गिना जाता था। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर ग्रेनाइट से निर्मित है।  

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया 
गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, देश के पहले केंद्रीय गृह मंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्मारक है। 31 अक्तूबर, 2018 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर इसका लोकार्पण हुआ था। यह देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व की अब तक की सबसे ऊंची (182 मीटर) प्रतिमा है। इस मूर्ति के निर्माण कार्य के लिए देशभर में अभियान चलाकर गांवों और किसानों से लोहा संग्रह करके जुटाया गया था। इसके आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों के लिए कई और अन्य आकर्षण हैं। 

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