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अंधविश्वास का खूनी खेल: जहर देकर ससुराल के तीन सदस्यों को सुलाई मौत की नींद, फिर खुद भी...

Sun, 11 Apr 2021 09:50 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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आरोपी बिल्डर की पत्नी और ससुराल वाले - फोटो : अमर उजाला
अंधविश्वास और गुस्सा की वजह से पश्चिम दिल्ली के इंद्रपुरी में एक बिल्डर ने अपने हंसते खेलते परिवार के तीन सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात को इंद्रपुरी के होमयोपेथी मेडिसिन के कारोबार करने वाले देवेंद्र मोहन शर्मा के दामाद वरुण ने अंजाम दिया। देवेंद्र बताते हैं कि 15 फरवरी को उनके घर में मौत का सिलसिला शुरू हुआ जब उनकी छोटी बेटी प्रियंका शर्मा की बीएल कपूर अस्पताल में एक अनजान बीमारी की वजह से मौत हो गई। उसे कमजोरी और बदन दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धीरे धीरे शरीर और मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया। करीब पंद्रह दिन चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। अंत तक डॉक्टर रोग के बारे में समझ नहीं पाए। बेटी की मौत के बाद देवेंद्र शर्मा की पत्नी अनिता शर्मा भी रहस्यमय बीमारी की शिकार हो गई। 21 मार्च को अनिता शर्मा की मौत हो गई। 
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आरोपी बिल्डर की शादी की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अनीता शर्मा में भी वैसे ही लक्षण थे जैसे प्रियंका में। उधर देवेंद्र की बड़ी बेटी दिव्या व देवेंद्र में भी उसी तरह के लक्षण शुरू हो गए। उनके यहां काम करने वाली घरेलू सहायिका के भी बाल झड़ने लगे। प्रियंका की मौत के बाद जब अनिता की तबियत खराब हुई तो देवेंद्र ने उसे गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पहली बार जांच के दौरान उनके खून व पेशाब में थैलियम जहर के अंश पाए गए। यही जांच रिपोर्ट दिव्या और देवेंद्र की भी आई। तब इसकी सूचना पुलिस को दी गई। 
 
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आरोपी बिल्डर की साली (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
देवेंद्र शर्मा ने अमेरिका में रहने वाले दोस्त जो डॉक्टर हैं उनके पास अपना रिपोर्ट भेजा। उनके दोस्त ने कहा कि यह जहर सब्जी या दाल या फिर पानी के जरिए नहीं बल्कि उनके शरीर में जबरदस्ती दी गई है। उसके बाद से देवेंद्र पिछले दिनों को याद करने लगे। अचानक उन्हें याद आया कि 31 जनवरी को उनका दामाद वरुण अरोड़ा ने अपने घर से पार्टी का बहाना कर मछली बनाकर लाया था। उसने घर के सभी सदस्यों को मछली खिलाई थी। यहां तक कि घर में प्रियंका के मौजूद नहीं होने पर उसके लिए अलग से रख दिया था। जिसे उसने बाद में खाया था। उसने घरेलू सहायिका को भी खिलाया था। उसने अपने दो बच्चों को मछली खाने नहीं दिया था। कहा था कि बच्चे दूध पी रहे हैं। इस बात को उसने पुलिस को बताई। 

 

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आरोपी बिल्डर के ससुर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद पुलिस ने छानबीन कर देवेंद्र के शक के आधार पर वरुण के घर में छापा मारा। जहां से पुलिस ने उसके लैपटॉप को कब्जे में लेकर छानबीन की। जिसमें पता चला कि उसने थैलियम जहर के बारे में सर्च किया था। साथ ही उसके घर से थैलियम की शीशी मिल गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। 
 
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आरोपी बिल्डर और मृतक पत्नी - फोटो : अमर उजाला
जांच में पता चला कि वरुण और दिव्या की शादी 2009 में हुई थी। दोनों परिवारों के पास पैसे की कमी नहीं थी। वरुण के पिता बिल्डर थे। जबकि दिव्या के पिता होमयोपेथी मेडिसिन के निर्माता। अपने माता-पिता का इकलौता वरुण था। वह अपने पिता के साथ काम करता था। शादी के आठ साल तक वरुण और दिव्या का कोई बच्चा नहीं था। अंत में आईवीएफ तकनीक से दोनों को जुड़वां संतान प्राप्त हुई। एक बेटा और एक बेटी। 28 फरवरी 2020 को वरुण के पिता का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया और उसके कुछ दिनों बाद दिव्या एक बार फिर गर्भवती हुई। 
 
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आरोपी बिल्डर की सास (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
वरुण ने पूछताछ में बताया कि वह इस बच्चे में अपने पिता को देख रहा था। इसलिए वह बच्चा चाहता था, लेकिन डॉक्टरों ने इस बच्चे के जन्म से दिव्या को मौत का खतरा बता दिया था इसलिए ससुराल वालों ने उसपर दवाब देकर उसका गर्भपात करवा दिया। इस बात को लेकर वरुण की अपनी सास से कहासुनी भी हुई थी। इस घटना के बाद से वरुण और दिव्या में झगड़े बढ़ गए। उसके बाद से दिव्या ज्यादातर अपने मायके में रहने लगी। उसके बाद उसने ससुराल वालों की हत्या की साजिश रची।
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