burari death case
धूपबत्ती के धुंए ने बेहोश किए परिजन?
दिल्ली के एक फॉरेसिंक विशेषज्ञ ने बताया कि घर से मिले रजिस्टर में जिस तरह से ललित की थ्योरी लिखी है उससे अशांका जताई जा सकती है कि फांसी पर लटकने से पहले परिवार ने पूजा की है। इस दौरान ही उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघाया गया होगा तभी सभी फंदे पर लटकने के लिए तैयार हो गए। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस ओर इशारा करती है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों और प्रियंका के हाथ व पैर ज्यादा टाइट बंधे थे, जिससे आत्महत्या के प्रति उनकी सहमति न होने का अंदाजा लगाया गया।
पोस्टमार्टम में नहीं मिल सकता रसायन
फॉरेसिंक विशेषज्ञ के अनुसार अगर धूपबत्ती में कोई रसायन होता है तो वह धुंए के जरिए किसी इंसान के फेफड़ों तक पहुंचता है, जिससे फेफड़ों के ऊपरी हिस्से पर मौजूद ऊतकों की क्षमता कम होने लगती है। इसीलिए इंसान की श्वसन गति भी कम होने लगती है। हालांकि इस रसायन की परत लिवर और गुर्दे पर जम सकती है। साथ ही आंतों के हिस्से में भी इसकी मौजूदगी हो सकती है। इसलिए पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। बिसरा जांच में जरूर इसकी पहचान हो सकती है।