उत्तर पूर्वी दिल्ली और वजीरादाबाद के बीच आवाजाही आसान होने जा रही है। बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज तैयार है। रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पुल का उद्घाटन करेंगे। सप्ताह के पहले कार्यदिवस यानी सोमवार से इस पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। यह सिग्नेचर ब्रिज पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र बनेगा। इसके शीर्ष पर जाकर दिल्ली की विहंगम तस्वीर देखी जा सकेगी। (सभी फोटोः कुमार संजय)
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
सिग्नेचर ब्रिज की ऊंचाई कुतुबमीनार (73 मीटर) से दोगुनी से भी ज्यादा है। सबसे ऊपर करीब 22 मीटर ऊंचा ग्लास का एक बॉक्स बनाया गया है। बॉक्स के अंदर से लोग बाहर का नजारा देख सकेंगे। इसके लिए चार एलिवेटर लगाए गए हैं। सिग्नेचर ब्रिज के सहारे एक बार में कुल 50 लोग पुल के शीर्ष तक पहुंच सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो महीने में सभी एलिवेटर काम करने लगेंगे।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
सिग्नेचर ब्रिज करीब 1518.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाने वाला करीब 251 मीटर ऊंचा ब्रिज होगा। इसके पायलोन की ऊंचाई 154 मीटर होगी। ब्रिज पर 19 स्टे केबल्स हैं। सिग्नेचर ब्रिज का मुख्य आकर्षण उसका मुख्य पायलोन है। पायलोन के चारों तरफ शीशे लगाए गए हैं और लिफ्ट के जरिए जब लोग यहां पर पहुंचेंगे तो उन्हें यहां से दिल्ली का टॉप व्यू देखने को मिलेगा। प्रोजेक्ट की योजना करीब 13 साल पहले शुरू की गयी थी। 2004 में मंजूर इस प्रोजेक्ट को 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले तैयार होना था।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 2004 में सिग्नेचर ब्रिज प्रोजेक्ट तैयार किया था। दिल्ली कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को 2007 में मंजूरी दी। शुरुआती योजना कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले करीब 1131 करोड़ रुपये लागत से प्रोजेक्ट तैयार करने की थी। प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती रही। वर्ष 2015 में इसकी लागत करीब 1594 करोड़ रुपये हो गई।
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फाइल फोटो
पश्चिम यूपी वालों को भी मिलेगी राहत
यह पुल वजीराबाद रोड को करनाल बाईपास से जोड़ेगा। इससे न सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार, गोकुलपुरी, भजनपुरा और खजूरी की तरफ से मुखर्जी नगर, तिमारपुर, बुराड़ी और आजादपुर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि कश्मीरी गेट से लोनी, सोनीपत, सहारनपुर, बागपत जैसे यूपी के शहरों में जाने वाले ट्रैफिक को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। वह आसानी से मंजिल की तरफ जा सकेंगे। अभी व्यस्त समय में वजीराबाद पुल पार करने में ही करीब एक घंटे का समय जाया होता है।
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यह पुल वजीराबाद रोड को करनाल बाईपास से जोड़ेगा। इससे न सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार, गोकुलपुरी, भजनपुरा और खजूरी की तरफ से मुखर्जी नगर, तिमारपुर, बुराड़ी और आजादपुर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि कश्मीरी गेट से लोनी, सोनीपत, सहारनपुर, बागपत जैसे यूपी के शहरों में जाने वाले ट्रैफिक को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। वह आसानी से मंजिल की तरफ जा सकेंगे। अभी व्यस्त समय में वजीराबाद पुल पार करने में ही करीब एक घंटे का समय जाया होता है।