गौरी शंकर मंदिर
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मान्यता है कि पांच पीपल के पेड़ के मध्य विराजे भगवान भोलेनाथ भक्तों की हर मुराद को पूरा करते हैं। साल 1909 से मंदिर की देखभाल करने वाली प्रबंध समिति के अनुसार, मंदिर करीब 800 साल पुराना है। इसके बाद वर्ष 1761 में मराठा सैनिक आपा गंगाधर ने इस मंदिर के भवन का निर्माण कराया। इनके नाम का जिक्र आज भी मंदिर की छत पर मौजूद पिरामिड के निचले हिस्से में देखने को मिलता है।