Muzaffarpur
बालिका गृह में आती थीं सेक्स वर्कर जांच में पता चला कि बालिका गृह में सेक्स वर्करों को भी लाया जाता था। बालिका गृह के फर्श पर एफएसएल को एक कागज का टुकड़ा मिला है। इसे पढ़ने पर सेक्स वर्करों के भी बालिका गृह में आने के सबूत मिले। इस कागज में आबदा हाईस्कूल के पास भी सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा आश्रय गृह चलाने की बात भी लिखी है। मुजफ्फरपुर कांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती जा रही है, एक से बढ़कर एक रसूखदारों के नाम सामने आ रहे हैं। अब इनमें और भी कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं, क्योंकि बिहार सरकार के इस पूरे कांड की अब सीबीआई जांच होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार पुलिस के मुखिया के एस द्विवेदी, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव गृह को तत्काल ही इस केस को सीबीआई को सौंपने का आदेश दे दिया था। लेकिन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट के बाद जो पहली गिरफ्तारी हुई वो थी ब्रजेश ठाकुर की। वही ब्रजेश ठाकुर, जिसके एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति की ओर से बालिका गृह चलाया जा रहा था।