दिल्ली के बुराड़ी में बीते रविवार को एक बड़ी आफत आई थी, लेकिन वक्त रहते मामले को संभाल लिया गया। प्रशासन अगर ठीक समय पर कार्रवाई न करता तो बुराड़ी एक बार फिर चर्चा में आ जाता वो भी 15 मौतों के लिए। (सभी फोटोः हिमांशु सोनी)
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yamuna river flood
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल इन दिनों हथनीकुंड बैराज से लगातार यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है।
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बुराड़ी में यमुना किनारे श्मशान घाट के पास 15 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए और उनका निकलना मुश्किल हो गया था। इन लोगों ने यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जारी की गई चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी झोपड़ियां नहीं हटाई थीं। आखिर में जब यमुना का पानी झोपड़ियों तक चढ़ आया तो वे फंस गए।
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यमुना के बढ़ते जल स्तर के कारण बुराड़ी इलाके में रविवार को पानी में फंसे 7 बच्चे, 6 महिलाएं और 2 पुरुषों को राहत कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दूसरी ओर बवाना इलाके में राजविहार निवासी आशा पत्नी राम असल नहर में डूब गई। इसकी खबर मिलते ही गोताखोरों ने महिला को कड़ी मशक्कत से सकुशल बाहर निकाला।फिलहाल उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रशासन यमुना खादर क्षेत्र में अभी तक रह रहे लोगों को बाहर निकलने में जुटा हुआ है।