मुंडका अग्निकांड के पीड़ित लोग
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अकबर किसी से आंख मिलाकर ठीक से बात नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने गर्दन झुकाए अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि वो तो चली गई, अब बच्चों की फिक्र है। किसके सहारे बच्चे पालूंगा, सब वही देखती थी, मैं तो हमेशा दिल्ली से बाहर रहता था। जब अकबर को मुसर्रत के बारे में पता चला, तो वह उड़ीसा में थे। शाम को छह बजे उनके जीजा अनवर ने बताया, कि जहां उनकी पत्नी काम करती है, उस बिल्डिंग में आग लग गई है, वह मौके पर ही हैं।