पत्रकारवार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते पुन्हाना डीएसपी जितेंद्र राणा
- फोटो : अमर उजाला
कार में घोंटा गला, फैक्टरी में छिपाई लाश
डीएसपी जितेन्द्र राणा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि रोजाना की भांति 28 अगस्त को दीपक, उसका कर्मचारी अशोक व डॉ. विनोद गोयल तीनों उसकी कार में बैठकर शहर में घूमे। उसके बाद देर रात दीपक और अशोक ने गले में कपड़ा बांधकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने मिलकर शव को घीडा मोड़ स्थित अपनी बर्तन फैक्टरी में कंबल में लपेटकर छिपा दिया। अगले दिन दोनों आरोपियों ने शव को कार में डालकर करीब 300 किलोमीटर दूर हरिद्वार की ओर रुख किया और चालक मुस्तकीम को कुछ भी बिना बताए हरिद्वार ले गए और हरिद्वार पहुंचकर चालक मुस्तकीम को रास्ते में उतारकर एक पुल से शव को पानी में बहा दिया।