25 करोड़ की चोरी के मामले में राममणि पांडेय के ही एक कर्मचारी ने मास्टरमाइंड गोपाल को जानकारी दी थी। इसके बाद गोपाल ने एक ‘बदमाश कंपनी’ को चोरी का ऑफर देते हुए टीम तैयार करने को कहा था, लेकिन जब तक यह बदमाश टीम तैयार करता, तब तक गोपाल एक अन्य गिरोह से बात कर वारदात को अंजाम दे चुका था। ऐसे में हिस्सा मारे जाने पर पहले गिरोह के बदमाश ने ही पुलिस से हाथ मिलाया और चोरी का खुलासा करवा दिया। दरअसल, जिस युवक से गोपाल ने चोरी की पहले बात की थी, वह चार-पांच दिनों तक गिरोह तैयार करने में जुटा रहा। गिरोह तैयार होने के बाद बदमाश ने गोपाल से वारदात को अंजाम देने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। युवक ने जब इसका कारण पूछा तो गोपाल ने बता दिया कि चोरी की जा चुकी है। वहां से इतना माल मिला है कि बस अब बाकी की जिंदगी ऐशोआराम से कटेगी। यह सुनकर बदमाश ने हिस्सा मांगना शुरू कर दिया। कई माह तक तो गोपाल उसे टरकाता रहा, लेकिन बीते सप्ताह उसे भी लगने लगा था कि अब उसके हाथ कुछ नहीं आएगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में उसने जानकार पुलिसकर्मी से संपर्क साधा। युवक ने पुलिस के सामने भी यही शर्त रखी कि वह करोड़ों का माल पकड़वा देगा, लेकिन उसे 50 लाख रुपये चाहिए। पुलिसकर्मी ने आलाधिकारियों से बात की। पहले तो अधिकारियों ने पूरे मामले को गलत माना, लेकिन बाद में यकीन करके गिरोह को दबोच लिया। कर्मचारी ने कहा था, ऐसा माल है जिसकी शिकायत नहीं होगी
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कसिलय पांडे का विला
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अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राममणि पांडेय के पास पैसे की सूचना उसके कर्मचारी को थी। उसने गोपाल को बताया था कि यह ऐेसा माल है जिसकी पुलिस में शिकायत भी नहीं होगी। इसके बाद ही गोपाल ने साजिश रची और सितंबर 2020 में चोरी कर ली। अभी कर्मचारी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। उसके गिरफ्त में आने के बाद पता चलेगा कि यह पैसा किसका है और कहां से आया था। इसके अलावा सिल्वर सिटी में कब और किस तरह रखा गया था।
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कसिलय पांडे
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इंडिया बुल्स फाइनेंस कंपनी ने किया सवा आठ करोड़ पर दावा
25 करोड़ की चोरी के मामले में सवा आठ करोड़ रुपये बरामद होने की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई तो इंडिया बुल्स कंपनी का एडवाइजर शनिवार को सेक्टर-108 स्थित कार्यालय में पुलिस अधिकारियों से मिला। गुरुग्राम की फाइनेंस कंपनी इंडिया बुल्स के एडवाइजर ने दावा किया कि यह रकम कंपनी की है।
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कसिलय पांडे के विला के सामने खड़ीं गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
राममणि ने करीब 200 करोड़ रुपये का उनसे लोन ले रखा है। यह रकम उनकी है। इस पर पुलिस अधिकारी ने कुछ साक्ष्य मांगे तो उन्होंने कागज दिखाए, लेकिन अधिकारियों ने कुछ और साक्ष्य मांगे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राममणि पांडेय और किसलय पांडेय के खिलाफ कई लोगों ने सेक्टर-39 पुलिस से संपर्क किया है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि पिता-पुत्र ने उनसे धोखाधड़ी की है। जबकि कुछ लोगों ने ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया है। इससे पिता-पुत्र जांच के दायरे में आ गए हैं।
चोरी की घटना का खुलासा होने के बाद कई लोगों ने पुलिस से संपर्क किया है। इसमें राममणि पांडेय व किसलय पांडेय के काले कारनामों की जानकारी है। जबकि कुछ में धोखाधड़ी समेत कई तरह के आरोप हैं। जो आरोप लगाए गए हैं उनकी जांच पुलिस ने करनी शुरू कर दी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। - रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा जोन