oyo hotel
- फोटो : फाइल फोटो
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि आवासीय सेक्टर अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, जीटा, ईटा, सिग्मा, सेक्टर-36 और 37 के मकानों को किराये पर लेकर ओयो होटल चलाए जा रहे हैं, जबकि सेक्टरों के मकानों में कोई व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती हैं। सरकारी विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी सफाई देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं और ओयो होटलों पर कार्रवाई करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। यदि पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण इन पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो उनका अभियान सोशल मीडिया से सड़कों पर उतर जाएगा।