फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रेनो से छात्रा का अपहरण केस: प्रेम प्रसंग में बस से गोंडा गई थी छात्रा, परिजनों ने रची अपहरण झूठी कहानी

Fri, 17 Sep 2021 06:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
काले कपड़ों में स्वाति - फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सादोपुर की छात्रा स्वाति के अपहरण का नाटकीय पटाक्षेप हुआ है। छात्रा परिजनों द्वारा पुलिस को अपहरण की झूठी सूचना देने से एक दिन पहले ही अपने प्रेमी अनिमेष तिवारी के पास बस से गोंडा चली गई थी। पुलिस ने छात्रा को गोंडा से सकुशल बरामद कर लिया और वहां उसके अदालत में बयान दर्ज कराए जाएंगे। परिजन ने छात्रा के लापता होने और इज्जत की खातिर समाज से यह बात छुपाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। शासन की ओर से 24 घंटे में इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एक लाख का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं, इस मामले में झूठी सूचना देने और जाम लगाकर कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के अलावा सोशल मीडिया पर भ्रामक व भड़काऊ कमेंट करने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। 
विज्ञापन

2 of 5
गोंडा से बरामद हुई छात्रा - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी सेंट्रल जोन हरीश चंदर, डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला और एडीसीपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सादोपुर निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय पाल की पौत्री स्वाति बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा है। स्वाति नीट की तैयारी कर रही है। बुधवार दोपहर घर से लापता हो गई थी। परिजन को इस बात की जानकारी हुई तो उन्हें समाज में बदनामी का डर सताने लगा और उन्होंने छात्रा के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी।
विज्ञापन

3 of 5
अनिमेष - फोटो : अमर उजाला
परिजन ने बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को सूचना दी कि स्वाति अपनी छोटी बहन खुशी भाई भानु और किट्टू के साथ बृहस्पतिवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली थी। चारों भाई बहन सादुल्लापुर रेलवे फाटक तक दौड़ लगाकर वापस लौट रहे थे। इसी बीच सुबह लगभग पांच बजे एक वन उनके पास आकर रुकी वैन में तीन बदमाश सवार थे। बदमाशों ने खुशी को अगवा करने की कोशिश की। पीड़िता स्वाति अपनी बहन को बचाने के लिए बदमाशों के पास पहुंच गई और उसे उनके चंगुल से छुड़ा लिया। लेकिन बदमाशों ने स्वाति को जबरन वैन में खींच लिया और उसे अगवा कर वैन से फरार हो गए। छात्रा के अपहरण की सूचना पर आसपास के क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह जीटी रोड पर जाम लगाया। इसके बाद शाम को एक घंटे बादलपुर कोतवाली का घेराव किया। सोशल मीडिया पर भी यह मामला छा गया और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये जाने लगे। 

4 of 5
गोंडा से बरामद हुई छात्रा - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल, सीडीआर, सीसीटीवी बने पटाक्षेप का आधार
स्वाति का मोबाइल बुधवार दोपहर को ही स्विच ऑफ हो गया था। इसके बाद छात्रा का मोबाइल ऑन हुआ और वह घर पर ही मिला। इससे पुलिस को शक हो गया था। इसका जिक्र अमर उजाला ने शुक्रवार को प्रकाशित खबर में किया है।  पुलिस की पांच टीमें घटना के खुलासे के प्रयास में जुटी थीं। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो केवल खुशी और उसके भाई भानु और किट्टू ही दिखाई दिए और उनकी गतिविधि भी सामान्य दिखाई दी। सीडीआर खंगाली गई तो स्वाति की एक नंबर पर कई बार और लंबे समय बात होने की जानकारी हुई। स्वाति ने कुछ दिन पहले नंबर बदला था लेकिन जिस नंबर पर उसकी पहले बात होती थी, उससे बात जारी थीं। इस नंबर की पड़ताल की गई तो वह गोंडा के अनिमेष तिवारी का निकला। तब पुलिस ने गोंडा पुलिस की मदद से स्वाति को सकुशल बरामद किया और अनिमेष भी पूछताछ की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ग्रेटर नोएडा में छात्रा के अपहरण के बाद लोगों ने लगाया था जाम - फोटो : अमर उजाला
बवाल की चिंगारी सुलगा रही थी बदनामी से बचाने की झूठी कहानी
छात्रा के अपहरण की जानकारी होने पर पूरे इलाके में लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। वहीं, विपक्षी नेता और विरोधी भी सक्रिय हो गए थे। मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से तूल पकड़ने लगा। इसके बाद लोगों न केवल जाम लगाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। बल्कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भी भ्रामक और भड़काऊ कमेंट किए। 

दिल्ली पुलिस के एएसआई समेत अन्य पर होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि स्वाति और अनिमेष बालिग हैं और वह स्वेच्छा से जहां चाहे जा सकते हैं और रह सकते हैं। उन पर कोई आरोप नहीं बनता। स्वाति ने स्वेच्छा से अनिमेष के पास शादी करने के उद्देश्य से जाने की बात कही है। जिस नंबर से स्वाति की लंबी बात होती थी, उसकी मोबाइल लोकेशन ने इसकी पुष्टि की है। बुधवार दोपहर 12:19 पर उसकी लोकेश अच्छेजा, फिर नवयुग मार्केट गाजियाबाद, साहिबाबाद, नोएडा सेक्टर-11, नवादा दनकौर, मांठ मथुरा, एत्मादपुर आगरा तक मिली। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। स्वाति के लापता होने के बाद उसके दिल्ली पुलिस में एएसआई चाचा, अन्य परिजन ने साजिश के तहत झूठी कहानी गढ़ी है। परिवार के लोगों ने इसमें बच्चों का भी ब्रेनवाश कर झूठ बोलने के लिए उन्हें इस्तेमाल किया। इसके चलते इन पर विधिक राय लेकर कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें