यूपी रोडवेज में संविदाकर्मी परिचालकों की 342 भर्तियों के लिए 8 हजार से अधिक आवेदकों ने फॉर्म भरे हैं। इनमें इंटरमीडिएट और आईटीआई या एनसीसी का बी सर्टिफिकेट शैक्षिक योग्यता निर्धारित की थी, मगर परिचालक बनने के लिए एमए, एमबीए और ग्रेजुएट आवेदक भी शामिल हुए थे। इनमें एमबीए, बीएससी और बीए समेत करीब 150 के फॉर्म को स्वीकार ही नहीं किया गया है। बड़ी बात यह है कि परिचालक बनने वाले युवा काफी पढ़ाकू हैं और उनकी मेरिट 80 से 85 फीसदी पर जाकर रुकी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
जिले में कुछ दिन पहले ही रोडवेज निगम की ओर से बसों की संख्या बढ़ने के कारण 342 परिचालकों को संविदा पर तैनात करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। 342 पदों के लिए 8 हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था, मगर एमबीए और एमए, बीएससी-बीटेक और बीए वाले करीब 150 आवेदकों के फॉर्म निगम की ओर से स्वीकार ही नहीं किए गए। चूंकि वह शैक्षिक योग्यता का पालन नहीं कर रहे थे।
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फाइल फोटो
हालांकि जिन आवेदकों को निगम की ओर से स्वीकार किया गया है, उनकी मेरिट लिस्ट लगाई गई है। इसमें एसएसटी, सामान्य वालों की कटऑफ 80 फीसदी तक और अन्य पिछड़ा वर्ग की मेरिट सबसे ऊंची 85 फीसदी पर जाकर रुकी है। आंकड़ों से साफ होता है कि यूपी रोडवेज में जो युवक परिचालक बनेंगे, वह भी 80 फीसदी से ऊपर अंक पाने वाले ही होंगे।
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फाइल फोटो
जरूरी शैक्षिक योग्यता
परिचालक बनने के लिए इंटरमीडिएट पास होना चाहिए। साथ ही आईटीआई या एनसीसी का बी सर्टिफिकेट अथवा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान का ए सर्टिफिकेट होना जरूरी है। इन तीनों में से एक शैक्षिक अर्हता भी जरूरी है।
निगम की ओर प्रदेश भर में संविदा कर्मियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत गौतमबुद्धनगर में भी 466 चालकों और 342 परिचालकों की नियुक्ति की जानी है। हालांकि यदि बसों की संख्या कम हुई तो भर्तियों की संख्या कम हो सकती है। इस भर्ती में मेरिट 80 से 85 फीसदी पर जाकर रुकी है, जो अपने आप में अहम बात है। कुछ युवा तो और भी अधिक योग्यता रखने वाले थे, जिनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। -अशोक कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक गौतमबुद्धनगर