नूंह जिले में लंबे समय से खनन माफिया सक्रिय हैं। पुलिस प्रशासन के समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने से खनन माफिया पर कोई असर नहीं पड़ा है। बड़े ही शातिर अंदाज में अवैध खनन को अंजाम देने वाले लोग पुलिस से उलझने में कोई गुरेज नहीं करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
जिला पुलिस डायरी के अनुसार वर्ष 2006 से अभी तक 86 ऐसे मामले आए है जिनमें पुलिस का खनन माफिया ने सीधे तौर पर मुकाबला किया है। जिला बनने के लगभग 18 साल से ही जिले की अरावली में अवैध खनन जारी है। अगर पूर्व से ही खनन माफियाओं पर शिकंजा कसा जाता तो ये आकंड़े बहुत ही विपरीत होते।
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अवैध खनन।
- फोटो : amar ujala
बीते वर्ष भी जिले में अवैध खनन के 11 मामले आए हैं, जिनमें से दो मामलों में पुलिस के साथ खनन माफिया उलझे हैं। इसी साल में अभी तक अवैध खनन के कुल 18 केस दर्ज किए गए हैं जिनमें से 3 बार खनन माफिया ने पुलिस को खदेड़ा हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
लंबे समय से पुलिस पर हो रहे इन सभी हमलों पर आज तक पुलिस द्वारा खनन माफिया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस पर हमला होने के एक दो दिन तक मामले चर्चा में रहते हैं इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अब देखना होगा कि पुलिस पर हो रहे लगातार हमलों पर पुलिस कप्तान व उनकी टीम किस तरह से संज्ञान लेती है।