फरलो पर रिहा होकर रोहतक जिला कारागार से गुरुग्राम के साउथ सिटी स्थित अपने डेरे पर आए गुरमीत राम रहीम की झलक पाने के लिए आ रहे अनुयायियों की वहां डेरे के केयर टेकरों से नोकझोंक भी हो रही है। इसी तरह का एक मामला बृहस्पतिवार को आया जब दिल्ली के न्यू रोहतक रोड से आईं संतोष ईंसा की वहां मौजूद एक केयरटेकर से बहस हो गई। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि संतोष डेरे के सामने ही फूट-फूट कर रोने लगीं। वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें शांत किया और वापस भेजा। ‘चर्चा नाम घर’ नाम से साउथ सिटी में बने डेरे के 50-50 मीटर दोनों ओर सड़क पर बेरिकेड लगा दिए गए हैं। ट्रैफिक रोका नहीं है लेकिन केयर टेकर वहां किसी को खड़ा होने पर टोकाटाकी कर देते हैं। दोपहर करीब 12.45 बजे हाथ में पानी की बोतल लेकर जब दिल्ली की संतोष वहां पहुंचीं तो गेट पर मौजूद पुलिस वालों ने उन्हें रोक दिया।
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रोती हुई महिला
- फोटो : अमर उजाला
संतोष सड़क के दूसरी ओर खड़ी हो गईं और अपने किसी रिश्तेदार को वीडियो कॉल करके डेरे की फोटो दिखाने लगी। यह देखकर सादे कपड़ों में एक केयर टेकर वहां पहुंचा और ऐसा करने से रोकने लगा।
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गुरुग्राम स्थित राम रहीम का डेरा
- फोटो : अमर उजाला
वह संतोष से चले जाने के लिए कहता है, जिसे वह अनसुना कर देती हैं। इस पर केयर टेकर का लहजा थोड़ा सख्त हो जाता है। संतोष भड़क जाती हैं।
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डेरा के बाहर राम रहीम को नमन करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान सड़क से गुजरते लोग यह देखकर अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं कि क्या हो रहा होगा? क्योंकि पिछले दो तीन दिन से यहां कुछ यही घटनाक्रम हो रहा है। लोग आते हैं और फिर उनको समझा कर भेजा जाता है।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संतोष और केयर टेकर के बीच जब बात ज्यादा बढ़ जाती है तो वह एक जगह बैठकर रोने लगती हैं। इसके बाद पुलिस कर्मी मामला संभालते हैं और संतोष को समझा कर वापस भेजते हैं।
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पंजाब नंबर की कार
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब नंबर की गाड़ियां पहुंच रहीं डेरे पर
गुरमीत के साउथ सिटी स्थित डेरे पर पंजाब के नंबर वाली गाड़ियां लगातार पहुंच रही हैं। बृहस्पतिवार को भी पंजाब नंबर की गाड़ियां डेरे पर पहुंची। उनमें से कुछ लोग उतरे। कुछ अंदर गए तो कुछ डेरे के बगल में बने एक कक्ष में चले गए।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
बाहर आने के बाद भी 17 शर्तों में बंधा है राम रहीम
फरलो पर बाहर आने के बाद भी गुरमीत राम रहीम 17 शर्तों की बेड़ियों में बंधा हुआ है। इनमें से किसी भी शर्त के उल्लंघन होने की स्थिति में उसकी फरलो रद्द हो सकती है। इस शर्त पत्र को रोहतक के मंडलायुक्त की ओर से सहायक अधीक्षक जगवीर सिंह ने जारी किया है।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
फरलो की अवधि में गुरमीत के आचरण और गतिविधियों की साप्ताहिक रिपोर्ट इलाके के थाना प्रभारी आयुक्त को सौंपेंगे और 15 दिन में तहसीलदार सभी क्रियाकलापों का विवरण जिला उपायुक्त को भेजेंगे।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
7 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक गुरमीत राम रहीम को परिवार वालों से मिलने के लिए फरलो (अस्थायी रिहाई) प्रदान की गई है। इन 17 शर्तों में एक शर्त यह भी शामिल है कि वह फरलो अवधि के दौरान किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भ्रमण नहीं करेगा। इसके अलावा न कोई आयोजन करेगा। कोई समागम, प्रवचन, श्रद्धालु मिलन, धार्मिक या राजनीतिक गोष्ठी, भाषण आदि का कार्यक्रम न भौतिक रूप से और न ऑनलाइन करेगा।
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गुरमीत राम रहीम सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
शर्तों में 10 लाख रुपये का बंध पत्र जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करना भी शामिल है। यह भी कहा गया है कि रोहतक जिला कारागार के अधीक्षक गुरमीत से इस बात के साक्ष्य प्राप्त करेंगे कि उसने इस फरलो का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया है, जिसके लिए उसे फरलो दी गई है। शर्तों में गुरमीत के कोविड अनुकूल व्यवहार व अन्य कोविड प्रोटोकोल का सख्ती से पालन करने की बात भी कही गई है।
शर्तनामे में गुरमीत से भी घोषणा पत्र भरवाया गया है। जिसमें गुरमीत की ओर से कहा गया है कि मैं गुरमीत सिंह उर्फ राम रहीम पुत्र स्वर्गीय मग्धर सिंह ने रोहतक जिला कारागार के अधीक्षक के माध्यम से वारंट को प्राप्त कर लिया है। रिहाई के इस वारंट में उल्लेख की गई शर्तों को समझ लिया है। मैंने सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया है।