पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों की कमर पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद और टूट गई है। पैक्ड व लेबल युक्त दही, लस्सी, पनीर, शहद, अनाज, मांस, मछली पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगने से इनके दाम और बढ़ गए हैं। इससे गृहिणियों सहित व्यापारी वर्ग भी परेशान हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। वहीं बच्चों को दिए जाने वाले दूध, दही में भी कटौती करनी पड़ रही है। महिलाएं कहती हैं कि पहले कहा जाता था कि दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ। वहीं अब इसका उलटा हो गया है कि दाल रोटी कम खाओ, महंगाई के गुण ज्यादा गाओ।
पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद सभी पैक्ड पदार्थ महंगे होने लगे हैं। पैक्ड आटा, बेसन, मैदा और पोहा भी जीएसटी के दायरे में आकर महंगे हो चुके हैं। इससे रसोई संभाल रहीं महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खाद्य पदार्थ, स्कूलों की पढ़ाई, यातायात, होटल में ठहरने, अस्पताल में इलाज के दौरान रुकने तक सहित कई सेवाएं महंगी हो रही हैं, जिससे लोग खासे परेशान हैं। सोमवार को इन्हीं उलझनों पर कुछ महिलाओं से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मुंह में जाना वाला निवाला भी अब जीएसटी के दायरे में आ गया है।