जांच करती पुलिस
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अलीमुद्दीन बोला-पिता की पुकार सुनकर मौके पर पहुंचा
अलीमुद्दीन का कहना है कि रात करीब ढाई से तीन बजे उसे पिता के घर में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इसी बीच पिता ने उसका नाम लेते हुए आवाज लगाई। उसने खिड़की से देखा तो 5-6 लोग घर के बगल में स्थित डेयरी की छत पर खड़े थे। इसके बाद वह पिता के घर की तरफ दौड़ पड़ा, लेकिन मेनगेट बंद होने के कारण अंदर नहीं जा सका। अफसाना ने आकर गेट खोला, तो वह अंदर घुसा। ग्राउंड फ्लोर पर पिता व दो भाई लहूलुहान पड़े थे, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर मां घायल अवस्था में थी। अस्पताल ले जाने पर पिता व भाईयों को मृत घोषित कर दिया गया।