संयुक्त किसान मोर्चा ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय का स्वागत किया है। किसान मोर्चा ने कहा कि उचित संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से घोषणा के प्रभावी होने की प्रतीक्षा करेगा। एसकेएम ने प्रधानमंत्री को यह भी याद दिलाया कि किसानों का आंदोलन न केवल तीन काले कानूनों को निरस्त करने के खिलाफ है, बल्कि सभी कृषि उत्पादों और सभी किसानों के लिए लाभकारी मूल्य की वैधानिक गारंटी के लिए भी है। किसानों की यह अहम मांग अभी बाकी है। एसकेएम सभी घटनाक्रमों पर ध्यान देगा, जल्द ही अपनी बैठक करेगा और आगे के निर्णयों की घोषणा करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कानून वापस लेने की घोषणा के बाद यूपी गेट पर किसानों के बीच खुशी का माहौल है। किसानों ने जलेबी बांटकर अपनी खुशी जाहिर की, जबकि यूपी गेट का आंदोलन स्थल पर हवन किया जा रहा है।
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चौधरी विजेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष चौधरी विजेंद्र सिंह ने कहा कि यह किसानों के संघर्ष की खुशी है। लेकिन जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनेगा और तीन कानून को वापस लेने की प्रक्रिया संसद में शुरू नहीं होगी तब तक आंदोलन यथावत चलता रहेगा।
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जगतार सिंह बाजवा
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने किसानों को दी बधाई
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एक दूसरे को जिलेबियां खिलाकर खुशी का इजहार करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर बॉर्डर पर तीनों कानून वापसी के एलान पर एक दूसरे को जिलेबियां खिलाकर खुशी का इजहार करते किसान।
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यूपी गेट पर आंदोलन स्थल पर हवन
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को अपने 11वे संबोधन के दौरान तीन कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीनों कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी बनाने और बिजली अमेंडमेंट समेत अन्य मुद्दों पर अभी बात होनी बाकी है।
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खुशी जाहिर करते किसान
- फोटो : एएनआई
आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा: राकेश टिकैत
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने यह कहा कि फिलहाल संयुक्त मोर्चा प्रधानमंत्री की घोषणा को लेकर बातचीत कर रहा है, आगे की रणनीति जल्द बताई जाएगी। राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा। हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।
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एक दूसरे को जलेबी खिलाते किसान
- फोटो : एएनआई
शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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कुंडली बॉर्डर पर लड्डू बांटे किसान नेता शमशेर दहिया
- फोटो : अमर उजाला
मेरी अपील है किसान खेतों में वापस लौट जाएं, हम तीनों कृषि कानून बिल वापस ले रहे हैं: मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश वासियों के क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। आज गुरू नानक जी का पवित्र प्रकाश पर्व है। आज मैं आपको यह बताने आया हूं, कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरी किसानों से अपील है कि अपने घर लौटें, खेतों में लौटें।