यूक्रेन की राजधानी कीव की तस्वीर
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सोमवार को परिजनों से हुए संपर्क से पता चला कि वहां जमा देने वाली ठंड में युवाओं को एक हॉल में रखा गया है। भारी संख्या में वहां विदेशी छात्रों की भीड़ होने के कारण खाने-पीने व शौच जैसी आधारभूत सुविधाओं के लिए भी मारामारी है। दीप (19 वर्षीय) व विशाल (20 वर्षीय) बेहतर भविष्य का सपना लिए वहां गए लेकिन आज जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। सेक्टर-9 निवासी दीप के भाई सौरभ ने बताया कि उनका छोटा भाई रोमानिया बॉर्डर पर है। स्थानीय प्रशासन व सरकार से उन्हें कोई मदद व जानकारी नहीं मिल रही। उसने कांपती हुई आवाज में बात की। कहा कि बहुत ठंड है। यहां सामान्य दिनों की तरह सभी को रखा गया है, ऐसे में छात्र सर्दी में ठिठुर रहे हैं।