रोते बिलखते परिजन
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स्कूल में चिढ़ाए जाने और परेशान करने के बावजूद लड़ रहा था गौरव
स्कूल में उसके साथ वॉशरूम में कुछ छात्रों द्वारा गलत काम करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसकी पैंट तक उतार दी गई थी। किसी को बताने पर धमकी भी दी गई। गौरव को इस बात को लेकर भी दुख था कि उसके कारण ही उसके मां-बाप के बीच तलाक हुआ है। परिजनों का कहना है कि उसकी बीमारी डिसलेक्सिया का मजाक उड़ाया जाता था। समलैंगिता को लेकर उसे चिढ़ाया जाता था। रिश्तेदारों का कहना है कि वह उन्हें कॉल करता था और कहता कि उसे नहीं पता है कि समलैंगिता क्या है। वह इन सबसे लड़ रहा था।
10वीं के छात्र गौरव के साथ जो हुआ वह गलत हुआ। ऐसे बच्चों को काफी ध्यान देने की जरूरत होती है। वह काफी संवेदनशील होते हैं। ऐसे बच्चों को चिढ़ाने या परेशान करने से उनका व्यक्तित्व कमजोर हो जाता है। स्कूल के साथ-साथ घर पर भी परिवार के लोगों को समझने की जरूरत होती है।-रोहित गुप्ता, न्यूरॉलोजिस्ट, फोर्टिस अस्पताल