निकिता हत्याकांड में हथियार उपलब्ध कराने के आरोपों से अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद अजहरुद्दीन के परिवार और उसके गांव सिहरी-सिंगलहेड़ी में खुशी का माहौल है। अजहरुद्दीन को बरी किए जाने पर सभी ने हर्ष जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि अदालत के इस फैसले से 6 बच्चों वाला परिवार उजडने से बच गया।
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निकिता हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अजहरुद्दीन ही परिवार का एक मात्र सहारा है। फरीदाबाद पुलिस द्वारा सिहरी-सिंगलहेड़ी निवासी अजहरुद्दीन को निकिता के हत्यारों को अवैध हथियार मुहैया कराने के आरोपों के चलते गिरफ्तार किया था।
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nikita murder case
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गांव सिहरी-सिंगलहेड़ी निवासी ताहिर हुसैन, शाहबुद्दीन, मसूद ठेकेदार, राम हरि पटेल सहित अन्य लोगो का कहना है कि निकिता की मौत पर पूरे मेवात को दुख है। असली हत्यारों को सजा देकर अदालत ने इंसाफ किया है। साथ ही अजहरुद्दीन को बरी करके अदालत ने गांव को बदनामी से बचाया है।
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nikita murder case
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अजहरुद्दीन की मां हारूनी का कहना है कि वह 25 साल पहले विधवा हो गई थी, उसके बेटा की एक मात्र सहारा हैं। उसको पहले ही पता था कि उसका बेटा ऐसा गलत काम नहीं कर सकता। अजहरुद्दीन की पत्नी शबनम का कहना है उसको पति निर्दोष था, अदालत ने परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
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कोर्ट में आरोपियों को ले जाती पुलिस
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हाईकोर्ट में करेंगे अपील
उम्रकैद की सजा मिलने के बाद मुख्य आरोपी तौसीफ के साथी रेहान के परिजनों ने कहा कि अदालत ने जो फैसला दिया है उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। इंडरी खंड के गांव रेवासन निवासी रेहान के पिता शहबुद्दीन, बड़े भाई रिजवान व दादी हुरबी ने कहा कि वह अब इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
आपको बता दें कि बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में शुक्रवार शाम चार बजकर एक मिनट पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना ने दो दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने बुधवार को इन्हें दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला 26 मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया था, जबकि इन्हें हथियार उपलब्ध करवाने वाले तीसरे आरोपी अजहरुद्दीन को बरी कर दिया था। घटना के ठीक पांच माह बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है। जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में इतने कम समय से निपटने वाला यह पहला मामला है।