ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र मनजोत सिंह के जान की परवाह किए बिना आत्महत्या की कोशिश कर रही युवती को बचाने के बाद उनकी हर ओर प्रशंसा हो रही है। विवि से लेकर सोशल मीडिया तक उनकी बहादुरी के चर्चे हैं। विवि के सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने शनिवार को उन्हें दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया। अब शारदा विश्वविद्यालय ने भी उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
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युवती को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
विवि प्रबंधन ने उपचार कराने आई युवती के मनोचिकित्सा विभाग से छत तक पहुंचने की भी जांच शुरू कराई है, क्योंकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल है कि अस्पताल के सुरक्षाकर्मी भी मनजोत की तरह हिम्मत नहीं दिखा पाए और स्टाफ ने उसे छत पर जाने क्यों दिया। यह समाचार अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। छात्र मनजोत सिंह से शनिवार को अमर उजाला संवाददाता ने बात की। मनजोत ने बताया कि वह जम्मू के गुरुनानक नगर के रहने वाले हैं।
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युवती को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
उनके पिता हरविंदर सिंह सरकारी नौकरी में हैं और माता बलवीर कौर स्कूल चलातीं हैं। वह शारदा विवि में हॉस्टल में रहते हैं। शुक्रवार दोपहर एक बजे के लगभग वह दोस्तों के साथ सीढ़ियों से होकर कैफे में जा रहे थे, तभी उन्हें शोर सुनाई दिया। वह छत पर पहुंचे तो पूरा मामला उनकी समझ में आ गया। एक युवती ऊंचाई पर बैठकर पास आने पर कूदने की धमकी दे रही थी। युवती कूद न जाए, इसके चलते लोग उसके पास जाने से डर रहे थे।
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युवती को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
मनजोत ने बताया कि अगर उसके पास नहीं गए तो उसे बचाया नहीं जा सकता, क्योंकि वह वहां तक पहुंच गई है, तो कूद भी सकती है। एक बार उनके दिल में ख्याल आया कि इससे उनकी जान को भी खतरा हो सकता है, लेकिन उसने युवती को बचाने की सोची। वह युवती से बात करते हुए आगे बढ़ने लगे। वह उससे पूछ रहे थे कि उसे किसी ने परेशान किया है, तो वह उसकी मदद करेंगे, पुलिस को बुलाएंगे और सिक्योरिटी से भी बात करेंगे। यह सुनकर जैसे ही युवती ने हां कहा तो मनजोत ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद अन्य लोगों की मदद से उसे ऊपर खींच लिया गया।
छात्र की बहादुरी पर विवि प्रबंधन को गर्व
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनूप राज ने मुख्य संचालन अधिकारी डॉ. राजा दत्ता को मामले की जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मां से किसी बात पर बहस हो जाने के बाद लड़की दूसरी मंजिल पर चली गई थी और मां को आत्महत्या की धमकी देने लगी थी। वहां उपस्थित सुरक्षा कर्मी इकट्ठे हो गए तथा लड़की से उतरने का आग्रह कर रहे थे, तभी विवि के छात्र मनजोत सिंह ने उसे बचा लिया। विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता ने घोषणा की है कि छात्र मनजोत को बहादुरी के लिए सम्मानित किया जाएगा। छात्र की बहादुरी पर विवि प्रबंधन को गर्व है। - अजीत कुमार, संयुक्त रजिस्ट्रार, शारदा विवि