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पति की रंगीन मिजाजी से थी चंद्रकला परेशान, इसलिए दी सुपारी...
पुलिस की पूछताछ में चंद्रकला ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। उसके सात बहन भाई हैं। आर्थिक तंगी की वजह से उसने 13-14 साल पहले वीर बहादुर की गारमेंट शॉप पर नौकरी शुरू कर दी थी। वीर बहादुर मौके का फायदा उठाकर उसके साथ छेड़छाड़ करता था। नौकरी छूटने के डर से वह कभी किसी को कुछ नहीं कहती थी। बाद में वीर बहादुर ने पहली पत्नी होने के बावजूद उससे शादी कर ली। वीर बहादुर से उसे दो बच्चे हुए। चंद्रकला अपने घर के नीचे गारमेंट की दुकान चलाती थी। उसके यहां पहले नरगिस नामक एक युवती काम करती थी। एक दिन चंद्रकला की छोटी बहन उससे मिलने आई हुई थी। वीर बहादुर ने उसे भी बुरी नजर से देखा।
यह बात चंद्रकला को बदर्शत नहीं हुई। दूसरी ओर चंद्रकला को पता चला कि उसके पति के कई अन्य महिलाओं से संबंध हैं। नरगिस को उसने अपनी सारी बात बताई थी। नरगिस ने उसे अपने भाई जुम्मा के बारे में बताया। उसने कहा कि जुम्मा उसकी मदद कर सकता है। चंद्रकला ने जुम्मा से बात की तो वह सुपारी लेकर हत्या के लिए तैयार हो गया। डेढ़ लाख रुपये में बात तय हुई और उसने वारदात को अंजाम दिया। जुम्मा ने बताया कि उसकी बहन नरगिस की कुछ दिनों पूर्व कैंसर से मौत हो गई।