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Delhi Weather: मानसून हुआ मेहरबान, उमस भरी गर्मी से मिली राहत; अगले पांच दिनों तक ऐसा ही बनेगा रहेगा मौसम

Sat, 16 Jul 2022 08:13 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
मानसून आने जाने के 15 दिन बाद तक दिल्ली चातक पक्षी से बनी रही, जिसे हर पल बारिश की बूंदों का इंतजार रहा। शनिवार की बूंदाबांदी ने उमस भरी गर्मी से राहत के संकेत दिए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसूनी गर्त के मध्य भारत में ठहर जाने से 15 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर से मानसून रूठा रहा। गर्त के उत्तर दिशा में खिसकने से अब राहत की बूंदे पड़ी हैं। साथ ही अगले पांच दिनों तक इसमें कोई फेरबदल के आसार नहीं हैं। 
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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में बीते एक जून से 15 जुलाई तक 148.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, वहीं, शनिवार को बदले मौसम के तेवर की वजह से सुबह साढ़े 11 बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक 16.8 मिमी और ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 2.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आमतौर पर इन दिनों 176.2 मिमी बारिश होती है। हालांकि, इसमें से अधिकांश बारिश 30 जून की रात से लेकर एक जुलाई की सुबह मानसून की दस्तक के साथ 117.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। शुरुआती सात से आठ दिनों तक 2.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि 11 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक दिल्ली के आधिकारिक मानक केंद्र पर बारिश की मामूली बूंदें दर्ज की गईं। 
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आसमान में छाए काले बादल - फोटो : अमर उजाला
मानसूनी गर्त के उत्तरी दिशा में खिसकने से मेहरबान होगा मानसून
मौसम एजेंसी लाइव वेदर इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवदीप दहिया कहते हैं, बीते 15 दिनों से कई बार बंगाल की खाड़ी में उच्च दबाव वाला क्षेत्र बन रहा था, जिससे मानसूनी गर्त मध्य भारत में होने की वजह से यहां अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी। वहीं, शनिवार को हुई बारिश ने संकेत दिए हैं कि इसका पश्चिमी हिस्सा उत्तरी दिशा की ओर बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में मानसूनी गर्त जिस क्षेत्र में रहती है वहां अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। दहिया कहते हैं, बीते कई दिनों से मानसून की अक्षीय रेखा की स्थिति की वजह से दिल्ली-एनसीआर वासियों ने उसम भरी गर्मी को झेला है। 

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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
अक्षीय रेखा के उत्तर में हमेशा पूर्वी दिशा से हवा चलती है, जो कि नमी भरी होती है। ऐसे में यहां उमस भरी गर्मी होती है और कुछ-कुछ अंतराल पर हल्की बारिश दर्ज की जाती है। इसी तरह की स्थिति बीते दिनों दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिली थी। वहीं, अक्षीय रेखा के दक्षिण में दक्षिण-पश्चिम हवा चलती है और अच्छी बारिश दर्ज की जाती है। वहीं, इसके मध्य में दोनों हवा मिलती है। दहिया ने कहा कि चूंकि, शनिवार की बारिश से संकेत मिले हैं कि मानसूनी गर्त उत्तर की ओर बढ़ रही है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब व उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। आगामी 20 जुलाई के बाद मानसूनी गर्त खिसकने की वजह से उत्तरी हिमालय के तलहटी में अच्छे बारिश के संकेत हैं। 
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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
-दिल्ली में एक जून से लेकर 15 जुलाई तक दर्ज बारिश- 148. 2 मिमी
-आमतौर पर दर्ज  होने वाली बारिश- 176.2 मिमी 

एक जुलाई से 15 जुलाई तक दर्ज बारिश
1 जुलाई- 117.2 मिमी
2 जुलाई- 1.9 मिमी
3 जुलाई- 00 मिमी
4 जुलाई- 0.1 मिमी
5 जुलाई- 0.6 मिमी
6 जुलाई- 00 मिमी
7 जुलाई- 00 मिमी
8 जुलाई- 00 मिमी
9 जुलाई- 8.8 मिमी
10 जुलाई- 00 मिमी
11 जुलाई- 00 मिमी
12 जुलाई- 1.8 मिमी
13 जुलाई-  2.1 मिमी
14 जुलाई-  मामूली रूप से दर्ज
15 जुलाई- मामूली रूप से दर्ज
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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
क्या होती है मानसूनी ट्रफ
मानसून ट्रफ कम दबाव वाले क्षेत्र से बनकर चलती है, जो कि पश्चिम के उत्तर-पश्चिम राजस्थान से होते हुए पूर्वी दिशा की ओर बंगाल की खाड़ी की तरफ  बढ़ती है। वर्तमान में यह मध्य भारत से खिसक रही है। आमतौर पर वातावरण में ट्रफ की ऊंचाई 5.8 किलोमीटर तक होती है। वहीं, ऊंचाई में दो डिग्री सेल्सियस का  अंतर होने की वजह से यह दक्षिण की तरफ झुकी हुई होती है। भारत में यह मानसून के आगमन पर दर्ज की जाती है। 
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दिल्ली में हुई बारिश से लोगों को गर्मी राहत - फोटो : अमर उजाला
स्थिति बदलने से किस तरह पड़ता है ट्रफ का असर
ट्रफ सामान्य होने पर यह गंगानगर, प्रयागराज और कोलकाता होते हुए बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ती है। इस दौरान मध्य भारत में अच्छी बारिश दर्ज होती है। ट्रफ के दक्षिण में स्थित होने पर मध्य भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज  होती है। वहीं, ट्रफ के उत्तरी हिस्से में स्थित होने पर हिमालय के तलहटी यानि उत्तराखंड, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली-एनसीआर में अच्छी बारिश दर्ज की जाती है। इससे ब्रेक मानसून भी कहा जाता है। वहीं, इस दौरान देश के बाकी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों पर विराम लग जाता है।  
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