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आग से चार मौतें: चुपके से दरवाजे पर आई मौत, चार जिंदगियों के साथ ले गई घर की खुशियां, अगले महीने थी बड़े बेटे की शादी

Wed, 27 Oct 2021 10:20 AM IST
पूजा त्रिपाठी शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीमापुरी में लगी आग में चार की मौत - फोटो : अमर उजाला
होरीलाल सोमवार रात घर के बाहर पत्नी रीना से खूब मजाक कर रहे थे, पत्नी के जल्द ही सास बनने और बहू के सेवा करने को लेकर मजाक किया जा रहा था, लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मौत चुपके से होरीलाल के दरवाजे पर आई और चार जिंदगियों के साथ घर की खुशियां भी ले गई। दरअसल अगले ही महीने होरीलाल के बड़े बेटे आशु की शादी होने वाली थी। घर में उसी की तैयारी चल रही थी। बेटे की शादी को लेकर होरीलाल और रीना काफी खुश थे, लेकिन सब कुछ खाक में मिल गया। हादसे के बाद होरीलाल के इकलौते बचे बेटे की तो जैसे आंखे ही पथरा गई थीं। वह न तो कुछ बोल ही पा रहा था और न कुछ समझ पा रहा था। बाकी परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था। रीना की छोटी बहन निशा तो बार-बार अपना होश ही खो दे रही थी। देर शाम को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए, जहां से उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
होरीलाल के रिश्तेदार कृष्ण ने बताया कि परिवार काफी हंसमुख था। होरीलाल को मजाक करने की आदात थे। सोमवार रात करीब 10.30 बजे होरीलाल अपनी पत्नी रीना से खड़े होकर घर के बाहर मजाक कर रहे थे। उस समय कृष्ण भी वहीं खड़ा था। काफी देर खड़े रहने के बाद होरीलाल घर के ऊपर चले गए थे।
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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण ने बताया कि काफी समय से होरीलाल ने अपने बेटे आशु का रिश्ता महिपालपुर में किया हुआ था। अब नवंबर या दिसंबर के पहले सप्ताह में शादी की बात की जा रही थी। एक या दो दिन में शादी की तारीख तय होना था। शादी के लिए कपड़ों और अन्य सामान की भी खरीदारी चल रही थी। पूरा ही परिवार शादी को लेकर काफी उत्साहित था। पड़ोसी मनोज ने बताया कि देर रात करीब 12.30 बजे वह घर के पास मौजूद थे। इस दौरान अक्षय बाहर दोस्तों के पास से घर पहुंचा था। उसने दरवाजा खटखटाया तो भाई आशु ने दरवाजा खोला था।

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घटनास्थल के बाहर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
घर में दाखिल होने के बाद अक्षय तीसरी मंजिल स्थित रसोई में गया। वहां उसने खाना खाया और वापस दूसरी मंजिल पर सोने के लिए आ गया। एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि परिवार काफी समय तक कांता देवी के मकान में किराए पर रहता रहा। लेकिन बच्चों के बड़े होने पर होरीलाल ने डेढ़ साल पहले ही कांता के मकान के ठीक सामने दोनों बेटों के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल खरीद ली थी।
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घटनास्थल किया सील - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा घर के नजदीक की छोटी दुकान भी किराए पर ली हुई थी। रीना काम से आने के बाद वहां बैठ जाती थी। फिलहाल बेरोजगार होने की वजह से आशु मां की मदद कर देता था। अब आगे अक्षय का जीवन कैसे चलेगा सबको इसकी चिंता सता रही थी।
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