मुंडका अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
मुकेश ने बताया कि उसे आशंका थी कि जनरेटर की वजह से बड़ा हादसा हो सकता है। प्रथम दृष्टिया उसे ही इसका जिम्मेदार ठहराया जाता। इसलिए उसने उसी दिन कंपनी की नौकरी छोड़ दी। अब जब इमारत में हादसा हुआ तो उसने घटना वाले दिन यहां काम करने वाले अपने दो दोस्तों नितिन और मुकेश को फोन कर उनसे घटना की जानकारी लेनी चाही, लेकिन दोनों का फोन बंद था। बाद में पता चला कि वह दोनों भी हादसे के शिकार हो गए हैं। उसके बाद से वह अपने दोस्तों की तलाश में कई अस्पतालों का चक्कर काट चुका है लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला है।