दिल्ली के जैतपुर में समाधि स्थल की दीवार झुग्गियों पर गिर गई। मलबे में दबने से दो मासूमों समेत सात की मौत हो गई, जबकि एक की हालत नाजुक है। राजधानी में बारिश के दौरान बड़ा हादसा हुआ है।
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दिल्ली के जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
सुबह के नौ बज रहे थे, चाय-नाश्ता करने के बाद सभी अपनी-अपनी झुग्गी में बैठे हुए थे। रबीबुल की पत्नी परवीना को खाना बनाने की चिंता सता रही थी। उसने पति से खाना बनाने की बात की और कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकली। जैसे ही झुग्गी से बाहर आई तो तेज आवाज के साथ 10 फीट ऊंची दीवार झुग्गियों पर आ गिरी।
बदहवास परवीना झुग्गी की ओर भागी। वह रोते हुए चिल्ला रही थी। जल्दी-जल्दी मलबा हटाकर वह एक पल में अपनी बेटी और पति को निकाल लेना चाहती थी लेकिन वह मलबा हटाती रही। 14 इंच मोटी दीवार का खासा मलबा था। इस बीच बाकी लोग भी मदद को आ गए। कुछ देर बाद बेटी और पति निकले थे उनकी सांसें थम चुकी थीं।
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जैतपुर के हरिनगर में दीवार गिरने से झुग्गी में रहने वाले सात लोगों की मौत, विलाप करते परिजन
- फोटो : जी पाल
हादसे में परवीना के पति, बेटी, देवरानी और उसकी बेटी की मौत हो गई जबकि देवर हसीबुल जिंदगी के लिए अस्पताल में जंग लड़ रहा है। अब बार-बार परवीना रोते-रोते बेहोश हुए जा रही थी। बाकी परिजन उसको समझाने का प्रयास कर रहे थे। एक साथ कई लोगों की मौत की खबर सुनकर उनके आसपास रहने वाले रिश्तेदार वहां जमा हो गए।
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दिल्ली के जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
लकड़ी और तिरपाल की मदद से बनाई हैं झुग्गियां
एक परिजन ने बताया कि पश्चिम बंगाल और असम के रहने वाले करीब 20-25 परिवार प्लॉट में झुग्गी डालकर यहां रह रहे हैं। लोगों ने लकड़ी और तिरपाल की मदद से झुग्गियां बनाई हैं। प्लॉट मालिक उनसे एक-एक हजार रुपये किराये भी वसूलता है। सभी लोग प्लास्टिक का कूड़ा इकट्ठा करके लाते हैं।
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रुबीना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दिहाड़े मजदूरी भी करते हैं कुछ लोग
बाद में यहां मौजूद महिलाएं इस कूड़े को अलग-अलग कर बेच देती हैं। इस पूरे काम में परिवार को 400 से 500 रुपये बच जाते हैं, उसी से पूरे परिवार का खर्चा चलाते हैं। कुछ लोग दिहाड़े मजदूरी भी करते हैं। पिछले तीन साल से परिवार इन झुग्गियों में रह रहे हैं।
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रुकसाना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मोइना हुई अनाथ
दूसरी ओर एक झुग्गी में मुत्तू अली बेटी मोइना (12) के साथ रह रहा था। मुत्तू अली की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। उसकी एक ही बेटी है। शनिवार को हुए हादसे के समय मोइना बाहर निकली थी। इस बीच दीवार गिरी और मुत्तू की मौत हो गई। अब मोइना अनाथ हो गई है। उसके माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। बच्ची को फिलहाल पड़ोसियों ने अपने पास रखा हुआ है।
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रबिबुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पहले भी हुए हैं कई हादसे
2 अगस्त 2025 हौजकाजी इलाके में छज्जा गिरने से राजमिस्त्री की मौत। घटना के समय वह घर के पास खड़ा था।
12 जुलाई 2025 वेलकम इलाके में स्थित जनता मजदूर कॉलोनी में चार मंजिला इमारत ढही। एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत। इनमें दो साल की बच्ची भी शामिल थी। घटना में आठ लोग घायल हुए।
17 मई 2025 पहाड़गंज के आराकशा इलाके में निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से तीन मजदूर की मौत। बारिश के दौरान यह हादसा हुआ। दो मजदूरों को तुरंत बाहर निकाला गया, बाद में मलबे से एक अन्य को निकाला।
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दिल्ली के जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
जैतपुर में समाधि स्थल की दीवार झुग्गियों पर गिरी
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के जैतपुर स्थित हरिनगर पार्ट-2 में शनिवार सुबह बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक समाधि स्थल की ऊंची दीवार खाली प्लाट में बनी झुग्गियों पर भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबे के बीच पड़ोसी मदद को भागे। बाद में पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई।
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जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने मलबे में दबे आठ लोगों को तुरंत एम्स ट्रामा सेंटर के अलावा सफदरजंग अस्पताल भेजा। जहां दो मासूम बच्चियों समेत सात लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अलावा दमकल की आठ गाड़ियां, एनडीआरएफ, नगर निगम, एंबुलेंस और अन्य बचाव दल ने काम शुरू कर दिया। दोपहर बाद तक बचाव का काम चला। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने लापरवाही से मौत और लापरवाही बरतकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बाकी लोगों के बयान लेकर मामले की जांच कर रही है।
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जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
खाली प्लाट में बनी झुग्गियां काफी गहराई में थीं
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि समाधि स्थल को मिट्टी का भराव करके बनाया गया था। खाली प्लाट में बनी झुग्गियां काफी गहराई में थीं। बारिश की वजह से दीवार की बुनियाद में पानी गया। बिना पिलर के बनी ऊंची दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। क्राइम टीम व एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
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जैतपुर में गिरी दीवार
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि उनकी टीम को शनिवार सुबह करीब 9.13 मिनट पर सूचना मिली थी कि जैतपुर स्थित मोहन बाबा मंदिर, हरिनगर पार्ट-2 में एक दीवार गिर गई है। घटना से थाना नजदीक ही थी। चंद ही मिनटों में कई पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए और लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू कर दिया।
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जैतपुर में गिरी दीवार
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बचाव कार्य के समय तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से राहत कार्य में दिक्कत हुई। पुलिस ने आनन-फानन मलबे से निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं एक की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के चंद ही मिनटों पर सभी को निकालकर अस्पताल भेज दिया गया।
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जैतपुर में गिरी दीवार
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बाद में सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ, नगर निगम व अन्य टीम वहां पहुंची। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। छानबीन के दौरान पता चला है कि गांव के पूर्व प्रधान और उनकी पत्नी की यहां समाधि बनी हुई है। समाधि बनाने के लिए उसके मालिकों ने कई फीट उसका भराव किया हुआ है।
ऐसे में समाधि स्थल की दीवार खाली प्लाट में 10 फीट हो गई थी। इसी दीवार से लगकर झुग्गियां बनी हुई थीं। यहां पश्चिम बंगाल और असम के लोग रहते हैं। बारिश के दौरान करीब 90 फीट लंबी दीवार छह झुग्गियों पर गिर गई। हादसे के समय चार झुग्गियों में ही यह सभी लोग मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए। मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग भी शामिल हैं। सभी कूड़ा बीनने के अलावा मजदूरी करते थे।