मृतक सुरेंद्र (फाइल फोटो)
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इस पर सीमा ने बेटे जय को थप्पड़ मार दिया। इस पर हितेंद्र नाराज हो गया और सभी आपस में भिड़ गए। चंद्रकला, सीमा और बबीता बीच बचाव करने लगी। हितेंद्र ने कहा कि आज तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा। वह कमरे में जाकर अपनी रिवॉल्वर निकालकर आया और सीमा, बबीता, सुरेंद्र और विजय को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। हमले में सीमा, सुरेंद्र, विजय और बबीता को गोलियां लगी। जबकि मां चंद्रकला बाल बाल बच गई। अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां भागे।
अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सभी चारों घायल खून से लथपथ पड़े हुए थे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां सीमा, सुरेंद्र, विजय को मृत घोषित कर दिया गया जबकि बबीता का पैर में गोली लगने के बाद इलाज जारी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि सीमा छोटे-छोटे झगड़े के दौरान अपने घर वालों को घर पर बुला लेती थी। इससे हितेंद्र बुरी तरह चिढ़ता था।
हितेंद्र का अपनी पत्नी से अकसर झगड़ा होता था। उसकी पत्नी अपने मायके वालों को शिकायत कर देती थी। इस बात से हितेंद्र काफी नाराज रहता। रविवार रात ससुराल वालों के आने के बाद उसका गुस्सा फूट पड़ा और उसने सभी को गोली मार दी।(उषा रंगनानी, पुलिस उपायुक्त, उत्तर पश्चिम जिला)