गोकुलपुर गांव की जिन झुग्गियों में जहां कई घरों से डोलियां उठने वाली थीं तो एक घर ऐसा भी था जहां दूल्हे के सिर सहरा सजने वाला था। हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों में शामिल रंजीत की शादी तय थी और होली के आठ दिन बाद घर में बहू आने को लेकर तैयारियां भी चल रही थीं। लेकिन, किसी को नहीं पता था कि एक काली रात में शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
शुक्रवार की रात झुग्गियों में लगी आग में भाई बबलू, बहन रेशमा और भाभी प्रियंका व भतीजे शहंशाह के साथ रंजीत की भी मौत हो गई थी। सभी भाई-बहनों में रंजीत सबसे छोटा था। ऐसे में दो भाईयों की शादी के बाद पिता रज्जन और मां मुन्नी बेटे रंजीत की भी शादी की तैयारियां कर रहे थे। वहीं, बहन रेशमा की भी अगले माह शादी होनी थी। परिवार की उम्मीदें रंजीत की शादी करने के बाद बहन रेशमा के लिए तैयारियों पर जोर देने की थी।