प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लाखों का ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। रोहिणी साइबर सेल ने दोनों आरोपियों को तकनीकी जांच की मदद से दिल्ली के कादीपुर और जहांगीरपुरी से गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी को कॉल सेंटर में काम करने का अनुभव है।
पुलिस ने इनके कब्जे से 21 मोबाइल फोन, दो कम्प्यूटर, 2 लैपटॉप, वाईफाई राउटर और डोंगल बरामद किया है। आरोपियों की पहचान कादीपुर निवासी अजय सिंह और जहांगीरपुरी निवासी सचिन के रूप में हुई है।
कांति सोनी नाम की महिला ने पहचान पत्र, बैंक विवरण लेने के बाद धोखाधड़ी करने के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की थी। उसने बताया कि उनके पास एक महिला का फोन आया। उसने बताया कि वह प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण प्रदान करते हैं और उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण दिला सकते हैं।
इसके एवज में उन्हें 6.50 लाख रुपये चुकाने होंगे। आरोपी ने ऋण प्रक्रिया के लिए पीड़िता से पहचान पत्र और बैंक विवरण लिया। पंजीकरण के एवज में पांच हजार रुपये बैंक खाते में जमा करने को कहा। पैसा जमा कराने के बाद जब काफी दिन तक ऋण नहीं मिला तो उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे।