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दिलीप कुमार स्मृति शेष: लीजेंड हीरो को देखने इतनी भीड़ उमड़ी कि बुलानी पड़ी थी पीएसी, तस्वीरें

Thu, 08 Jul 2021 02:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
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अभिनेता दिलीप कुमार - फोटो : फाइल फोटो
सिनेमा की दुनिया में जादुई कलाकार के रूप में जीते जी किवदंती बने चुके मशहूर अभिनेता मोहम्मद यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार जब वर्षों पहले रुड़की आए थे तो उन्हें देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी कि स्टेडियम के बाहर पीएसी तैनात करनी पड़ी थी।

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दिलीप कुमार को देखने के लिए हर कोई मंच के आगे तक जाना चाहता था। बचपन में देखी दिलीप कुमार की छवि आज भी उम्र का अरसा पार कर चुके लोगों के जेहन में है। शहर के दंत चिकित्सक हिम्मत सिंह गुलाटी की बॉलीवुड के कलाकारों से काफी नजदीकी थी और उन्हें मुशायरे कराने का काफी शौक था। सत्तर के दशक में उन्होंने नेहरू स्टेडियम रुड़की में आयोजित मुशायरे में मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार को आमंत्रित किया था। उनके आने की खबर से ही शहर में हलचल शुरू हो गई थी। हिम्मत सिंह गुलाटी तो अब दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी बेटी सरिता अरोड़ा की यादों में उस कार्यक्रम की छाप आज भी है। इनरव्हील क्लब की एक्जीक्यूटिव मेंबर के रूप में समाजसेवा से जुड़ीं सरिता अरोड़ा और व्यापारी नेता नवीन गुलाटी बताते हैं कि जब दिलीप कुमार रुड़की में आए थे तो उनकी उम्र मात्र 12 वर्ष थी। दिलीप कुमार के साथ सायरा बानो और प्रदीप कुमार भी पहुंचे थे।
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अभिनेता दिलीप कुमार - फोटो : फाइल फोटो
सरिता ने बताया कि उनके पिता हिम्मत सिंह गुलाटी मुशायरे का जिक्र करते हुए बताते थे कि जब लोगों को पता चला तो शहरभर में हलचल मच गई। मुशायरा शुरू हुआ तो इतनी भीड़ उमड़ पड़ी की नेहरू स्टेडियम के बाहर पीएसी तैनात करनी पड़ी थी। इस दौरान हर एक शख्स के मन में दिलीप कुमार को नजदीक से देखने की तमन्ना थी। इसके चलते लोग मंच की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन मैदान में आगे बढ़ने के लिए जगह ही नहीं बची थी।
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अभिनेता दिलीप कुमार - फोटो : फाइल फोटो
सरिता अरोड़ा की मां सतवंत कौर उन दिनों को आज भी याद करती हैं। रुड़की पहुंची दिलीप कुमार और सायरा बानो की जोड़ी को देखने की हसरत हर किसी को थी। लोग मुशायरा शुरू होने से पहले ही मैदान में डट गए थे और जब तक दिलीप और सायरा बानो मंच पर रहे, दोनों को निहारते रहे। उनके जाने के बाद भी लोग दिलीप और सायरा बानो की आकर्षक जोड़ी की चर्चा करते रहे।

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अभिनेता दिलीप कुमार - फोटो : फाइल फोटो
अभिनेता दिलीप कुमार की अदाकारी के कई रंग रहे हैं। तुनकमिजाजी भी उनमें कम नहीं थी। मिलने गए आम लोगों को ही नहीं बड़ी-बड़ी हस्तियों को भी वे दरवाजे से लौटा देते थे। इस कलाकार को हरिद्वार के लोगाें ने वर्ष 1991 में बहुत करीब से देखा। वर्ष 1991 में हरिद्वार विधानसभा के चुनाव में ऐथल गांव के बड़े जमींदार अजमल नवाज खान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। तब दिलीप कुमार अपने परिचित के चुनाव प्रचार के लिए हरिद्वार आए थे। दो दिन यहां रहे और कई आम लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। होटल के सामान्य कर्मचारियों को भी ऑटोग्राफ दिए। 
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अभिनेता दिलीप कुमार - फोटो : फाइल फोटो
दिलीप साहब पिरान कलियर शरीफ भी चादर चढ़ाने गए। दो दिनों तक पूरे चुनाव क्षेत्र का भ्रमण खुली जीप में बैठकर किया। हरिद्वार में बाकायदा पत्रकारों से मिले। मध्य हरिद्वार में उस समय के एक सामान्य होटल में न केवल सवालों के जवाब दिए बल्कि गंगा और हिमालय के बारे में भी कई जानकारियां हासिल की। होटल में ही उस समय के अनेक स्थानीय नेताओं और गणमान्य लोगों के साथ काफी वक्त बिताया। सबके बीच ही उन्होंने रात का भोजन भी किया।
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