नैनीताल की सड़कों पर भरा पानी
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नैनीझील, मल्लीताल से तल्लीताल की ओर कुछ झुकी हुई है, जिस कारण इसके पूरा भर जाने पर भी इसका जल स्तर इस मंदिर परिसर से कुछ नीचे ही रहता है। यह पहला मौका है जब इतना ज्यादा पानी मंदिर तक पहुंचा है कि पूरे परिसर में भर गया है। झील के नियंत्रण के लिए जिम्मेदार सिंचाई विभाग के ईई केएएस चौहान ने बताया कि इससे पूर्व 1998 में अक्तूबर में 17 से 19 अक्तूबर तक 109 मिमी वर्षा हुई थी, लेकिन झील का जलस्तर 11 फीट 5 इंच तक ही गया था।