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उत्तराखंड में बारिश: ऋषिगंगा के 'सैलाब' में बहा वार्निंग सिस्टम, खौफजदा ग्रामीणों ने गुफा और छानियों में बिताई रात

Wed, 05 May 2021 06:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में मंगलवार को उच्च हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण ऋषि गंगा उफान पर आने लगी थी, जिसे देख नीती घाटी के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई थी। मंगलवार शाम को नदी का जल स्तर बढ़ने पर ग्रामीण घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे।

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साथ ही जरूरी सामान भी ले गए थे। रैणी और जुगजू गांव के ग्रामीणों ने पूरी रात गुफाओं और छानियों में बिताई। बुधवार को बारिश थमने और धूप खिलने पर नदी का जल स्तर सामान्य हुआ, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौटे। बुधवार को भी दोपहर बाद क्षेत्र में बारिश होने लगी।

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वहीं, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से ग्रामीणों को अभी भी नदी का जल स्तर बढ़ने का डर सता रहा है। वहीं बारिश होने पर देर रात ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ा तो यहां पास में लगा सायरन भी बह गया। 

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चमोली में आपदा के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह का कहना है कि 7 फरवरी को आई आपदा के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में भय बना है। इस क्षेत्र के कई ग्रामीण कई बार पुनर्वास की मांग प्रशासन से कर चुके हैं।
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ऋषिगंगा में लगाया गया था अलार्म सिस्टम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उन्होंने कहा कि जैसे ही ऋषि गंगा का जलस्तर बढ़ने लगता है ग्रामीणों में भय का माहौल बन जाता है। यहां पर लगा साइरन सिस्टम भी केवल खानापूर्ति के लिए लगाया हुआ है। मंगलवार को जब नदी का जलस्तर बढ़ा तो नदी किनारे लगा सायरन भी बह गया।

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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
वहीं, तीन दिन पूर्व अतिवृष्टि से प्रभावित अगस्त्यमुनि ब्लॉक के नरकोटा गांव में प्रशासन ने तीन प्रभावित परिवारों को टेंट दिए। इन लोगों के आवासीय मकानों में बरसात का पानी व मलबा घुस गया गया था, जिससे वहां रखा सामान नष्ट हो गया है।
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ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों ने छोड़ा घर - फोटो : अमर उजाला
वहीं, जखोली ब्लॉक के बैनोली गांव में भी मूसलाधार बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। उप जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने को  कहा है।
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