उत्तराखंड के चमोली में सुमना में आए हिमस्खलन में लापता एक और मजदूर का शव बरामद किया गया है। अब इस आपदा में मृतकों की कुल संख्या 18 हो गई है। बता दें कि सेना और आईटीबीपी की ओर से प्रतिदिन चार घंटे तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू कर लापता मजदूर की तलाश की जा रही थी। वहीं, बीआरओ की ओर से मलारी हाईवे को रिमखिम तक खोल दिया गया है। जिससे सेना के वाहनों की सीमा क्षेत्र में आवाजाही सुचारू हो गई है।
23 अप्रैल को सुमना-2 इलाके में बर्फबारी के दौरान हिमस्खन हो गया था, जिससे बीआरओ के मजदूरों का कैंप बर्फ में दफन हो गया था। हादसे में 17 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर लापता चल रहा था। जिसका शव मंगलवार को आपदा वाली जगह से बरामद कर लिया गया है। बरामद किए शवों को जिला प्रशासन और बीआरओ की ओर से झारखंड सरकार को सौंप दिया गया है। हादसे में सेना की ओर से 348 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इन मजदूरों को अब क्षेत्र में फिर से सड़क निर्माण कार्य में लगा दिया गया है।
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चमोली के सुमना में हिमस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि मलारी हाईवे को रिमखिम तक खोल दिया गया है, बीआरओ के बर्फ में दबे कैंप के अवशेषों को भी हटा दिया गया है।
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चमोली के सुमना में हिमस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि आपदा में मृतक बीआरओ के ये सभी मजदूर झारखंड राज्य के रहने वाले थे।
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चमोली के सुमना में हिमस्खलन
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हादसे में बचाए गए 384 मजदूरों को अभी भी सेना कैंप में रखा गया है। यहीं मजदूरों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।