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Uttarakhand Rain: पहाड़ी दरकने से कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर आया मलबा, वाहन दबने से चार लोग घायल, एक लापता

Sat, 29 Jun 2024 06:46 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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सड़क पर आया मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार पौड़ी हाईवे पर पहाड़ी से मलबा आने से आवागमन ठप हो गया, जिसके चलते यहां कई वाहन फंस गए। वहीं कोटद्वार पौड़ी हाईवे पर कोटद्वार और दुगड्डा के बीच सिद्धबली से करीब चार किलोमीटर ऊपर पहाड़ी से गिरे मालबे की चपेट में आकर एक मैक्स वाहन क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना में चार लोग घायल हुए हैं। जबकि एक व्यक्ति लापता बताए जा रहा है।

शनिवार दोपहर बाद हुई भारी बारिश से कोटद्वार से दुगड्डा तक नेशनल हाईवे पहाड़ी दरकने से बाधित हो गया है। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। इस बीच एक मैक्स वाहन के मलबे में दबने की सूचना है।
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हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार भाबर व पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश से जहां खोह, सुखरो, मालन नदी उफान पर रही, वहीं लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों में हुई बारिश से सिगड्डीसोत व मैहली सोत नदियों ने चिलरखाल-लालढांग मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं।
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सड़क पर आया मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। जीएमओयू की लालढांग होते हुए हरिद्वार जाने वाले बस सेवाओं को यूपी के नजीबाबाद और नहर वाले रास्ते से भेजा गया है। मार्ग बंद होने से लालढांग क्षेत्र के कई गांवों का कोटद्वार से सीधा सड़क संपर्क कट गया है।

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बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कोटद्वार क्षेत्र की पहाड़ियों पर शनिवार सुबह से लेकर दोपहर तक जमकर बारिश हुई। देखते ही देखते सभी नदियां उफनाने लगी। जिससे कोटद्वार को राज्य की सीमा के भीतर से हरिद्वार को जोड़ने वाली लालढांग सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जीएमओयू के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि लालढांग मार्ग बंद होने से अब बसों को यूपी के नहर वाले रास्ते भेजा जा रहा है।

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बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

वन विभाग ने अब मानसून सत्र के बाद ही सड़क को यातायात के लिए खोलने की बात कही है। कहा कि मानसून के दौरान इस मार्ग से आवाजाही खतरनाक हो सकती है। मार्ग बंद होने से कोटद्वार भाबर से लालढांग तक के ग्रामीण परेशान हो उठे हैं। उन्हें जरुरी काम के लिए 11 किमी पैदल आवाजाही करनी पडे़गी। लालढांग के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए भाबर के कण्वघाटी महाविद्यालय, पॉलिटेक्नीक में आते हैं। जबकि सैकड़ों लोग सिडकुल के जशोधरपुर व सिगड्डी इंडस्टि्रयल एरिया में कामकाज व नौकरी के लिए आते हैं।

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