टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर भूस्खलन
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डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही बारहमासी सड़क घटिया गुणवत्ता की वजह से लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। पुराने भूस्खलन को तो रोका नहीं जा सका है। उल्टे अब कई जगह नए भूस्खलन क्षेत्र बन गए हैं। बंद सड़क को खोलने में बेवजह ज्यादा वक्त लग रहा है, जबकि पांच साल पूर्व तक सीमा सड़क संगठन के स्वामित्व में इस सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव बेहतर था। अगर एनएच खंड सड़क को नियमित रूप से आवाजाही के लिए सुचारू नहीं रख सकता है, तो इसे बीआरओ को सौंपा जाना चाहिए।
- बहादुर सिंह फर्त्याल, राज्य आंदोलनकारी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख, चंपावत।