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उत्तराखंड: विधानसभा पर गरजे यूकेडी कार्यकर्ता, सचिवालय में फार्मासिस्टों का हल्ला बोल, तस्वीरें...

Mon, 23 Aug 2021 10:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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यूकेडी का विधानसभा कूच - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी भू-कानून लागू करने समेत जनहित के तमाम मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने विधानसभा कूच किया। रिस्पना पुल के समीप पहले से तैनात पुलिस बल से बैरिकेडिंग लगा कार्यकर्ताओं को रोका तो दोनों के बीच जमकर झड़प हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन किया और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बारिश के बीच प्रिंस चौक, रेसकोर्स चौक, आराघर, धर्मपुर से नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े।

ऐरी ने कहा कि संघर्ष और शहादत की बदौलत पृथक राज्य का निर्माण हुआ, लेकिन बीते 21 साल में प्रदेश को भूमाफिया के हवाले कर दिया गया। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट की गई। बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि राज्य की अवधारणा को बचाने के लिए सख्त भू-कानून लागू किया जाए। वर्ष 1950 को आधार मान मूलनिवास की परिभाषा निर्धारित की जाए। राज्य आंदोलनकारियों के लिए दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सुविधा बहाली सहित विभिन्न मांगें उठाईं। 
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यूकेडी का विधानसभा कूच - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा कूच करने पहुंचे उक्रांद के कुछ कार्यकर्ता पुलिस के रोकने पर बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और वहां से गिरने से जख्मी हो गए। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर कुछ देर तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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यूकेडी का विधानसभा कूच - फोटो : अमर उजाला
चेतावनी दी कि जल्द मांगों में सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो 50 हजार कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। विधानसभा कूच करने वालों में संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार, बीडी रतूड़ी, हरीश पाठक, सुरेंद्र कुकरेती, शिवानंद चमोली, ओमी उनियाल, डीजी जोशी, मोहन काला, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश, बहादुर रावत, देवेंद्र चमोली, शकुंतला रावत, मीनाक्षी घिल्डियाल, सरला खंडूड़ी, किरण रावत, अनिल डोभाल शामिल रहे।

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फार्मासिस्टों का सचिवालय कूच - फोटो : अमर उजाला
वहीं, नियुक्ति की मांग को लेकर सचिवालय कूच कर रहे बेरोजगार फार्मासिस्ट और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य मंत्री से मिलने की बात पर अड़े थे। जिस पर पुलिस ने शाम को 200 से अधिक फार्मासिस्ट को हिरासत में ले लिया। जिन्हें पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया गया। वहीं, देर शाम एक प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से वार्ता हुई। 
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फार्मासिस्टों का सचिवालय कूच - फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। हालांकि, फार्मासिस्ट ने सरकार का ध्यान केंद्रित करने के लिए मंगलवार के पूर्व निर्धारित विधानसभा कूच कार्यक्रम पर अडिग रहने का निर्णय लिया। बेरोजगार प्रशिक्षित फार्मासिस्ट (एलोपेथिक) महासंघ से जुड़े प्रदेश भर के हजारों फार्मासिस्ट पिछले सात दिन से आंदोलनरत हैं। वह एकता विहार सहस्त्रधारा रोड स्थित धरनास्थल पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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फार्मासिस्टों का सचिवालय कूच - फोटो : अमर उजाला
सोमवार दोपहर उन्होंने सचिवालय कूच किया। पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरियर लगाकर उन्हें रोक लिया। प्रदर्शनकारी फार्मासिस्ट वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। आंदोलनरत फार्मासिस्ट का कहना था कि अधिकारियों ने रविवार को स्वास्थ्य मंत्री आवास के घेराव के दौरान उन्हें आश्वासन दिया था कि सोमवार को उनकी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात करा दी जाएगी। 
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फार्मासिस्टों का सचिवालय कूच - फोटो : अमर उजाला
इस बीच अपर सचिव स्वास्थ्य गरिमा रौंकली से प्रतिनधिमंडल की वार्ता हुई। अपर सचिव ने उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। फार्मासिस्ट इस पर भी नहीं माने और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन तेज कर दिया। सुभाष रोड समेत आसपास के मार्गों पर देर तक जाम लगने से लोगों की परेशानी और फार्मासिस्ट के बढ़ते विरोध को देखते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। देर शाम पुलिस लाइन से उन्हें छोड़ दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष महादेव गौड़ और देहरादून के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र नौटियाल ने बताया कि सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे प्रशिक्षित बेरोजगार फार्मासिस्ट किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं कर दी जाती आंदोलन जारी रखा जाएगा। 
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