सीमा पर देश के लिए शहादत देने वाले उत्तराखंड के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी (26) पुत्र साब सिंह नेगी अभी डेढ़ माह पहले ही ड्यूटी पर गए थे। हमेशा की तरह बृहस्पतिवार शाम छह बजे भी उन्होंने व्हाट्सअप पर पत्नी और मां से बातचीत की थी। विक्रम ने बताया था कि पूजा के लिए वे 22 अक्तूबर को घर पहुंच जाएंगे। लेकिन बेटे के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
गजा तहसील क्षेत्र में ग्राम पंचायत खडवाल गांव के विमाण गांव निवासी साब सिंह नेगी के इकलौते बेटे विक्रम सिंह पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। तीन साल पहले ही विक्रम की शादी हुई थी। डेढ़ माह पहले ही विक्रम कुछ दिनों की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे।
रोज की तरह उन्होंने बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे डेढ़ साल के बेटे प्रियांक, पत्नी पार्वती और मां से व्हाट्सअप पर बात की। बातचीत में विक्रम ने वादा किया था कि 22 अक्तूबर को पूजा के लिए वह घर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मां और पत्नी से पूजा की तैयारी करने को भी कहा।