जोशीमठ-मलारी हाईवे पर गिरी चट्टान
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सबसे पहले बीआरओ के वाहनों की आवाजाही कराई गई, इसके बाद स्थानीय वाहनों की आवाजाही हुई। बीआरओ के मजदूरों और मशीनों ने दिन-रात कार्य कर एक सप्ताह में हाईवे को सुचारू कर दिया। वहीं हनुमान चट्टी से आगे पुलिस, तीर्थ पुरोहित, माणा गांव और सैन्य वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति है।