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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: उत्तराखंड में पहली बार हुआ आयोजन, हर्षिल घाटी के किसानों ने किया विरोध, तस्वीरें...

Fri, 24 Sep 2021 10:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को देहरादून के रेंजर ग्राउंड में मुख्यमंत्री ने पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए बगीचे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल बागवानी विकास के लिए शोध व अनुसंधान विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव के विरोध में हर्षिल घाटी के आठ गांवों के किसान सड़क पर उतर आए हैं। 

अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: गुणवत्ता में कश्मीर और हिमाचल से कम नहीं उत्तराखंड का सेब

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन एप्पल नो डॉक्टर की बात सेब पौष्टिकता के महत्व को बताता है। उत्तराखंड के सेब देश दुनिया में पहचान बने इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राज्य में नई तकनीकी के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर व हिमाचल से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर निर्यातक बनें। इस दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महोत्सव में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के किसानों की ओर से लगाई गई सेब व उससे तैयार विभिन्न उत्पादों और कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 
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सेब महोत्सव का शुभारंभ करते सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव से बागवानी विकास के मील का पत्थर साबित होगा। एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल के साथ उत्तराखंड सेब की पहचान बने। इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर ध्यान दिया गया है। किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए जैविक तरीके से उत्पादन करना होगा, जिससे उत्पाद का अच्छे दाम मिल सके। 
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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
उद्यान निदेशक डॉ. एचएस बवेजा ने कहा कि उत्तराखंड में बागवानी विकास के लिए 1690 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक महेश नेगी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, अपर सचिव उद्यान रामविलास यादव, कृषि निदेशक गौरी शंकर, सगंध पौध केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक संजय श्रीवास्तव, प्रगतिशील किसान डीपी उनियाल आदि उपस्थित थे।

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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को घाटी के झाला गांव स्थित कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने से गुस्साए सेब किसानों ने महोत्सव के विरोध में ढोल-दमाऊं व रणसिंघा के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शन किया। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर सहकारिता और उद्यान मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उपला टकनौर जन कल्याण मंच व बुढेरा संगठन के बैनर तले हर्षिल, सुक्की, झाला, पुराली, जसपुर, मुखबा, बगोरी व धराली के किसान बड़ी संख्या में रामलीला मंच पर पहुंचे।
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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
काश्तकारों ने सरकार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। मंच के अध्यक्ष माधवेंद्र रावत ने कहा कि झाला में करोड़ों की लागत से तैयार कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने से किसान अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हैं। मुख्य उद्यान अधिकारी से हुई वार्ता में 22 सितंबर तक कोल्ड स्टोर चालू नहीं होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। 
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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव का विरोध - फोटो : अमर उजाला
वहीं उद्यान मंत्री मीडिया में कोल्ड स्टोर चालू करने की बात कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। उन्होंने गरतांग गली में स्थानीय लोगों से शुल्क वसूलने और गरतांग गली के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। बाद में ढोल-दमाऊं व रणसिंघा के साथ प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम तीर्थपाल के माध्यम से सीएम को भेजे गए ज्ञापन में मांगें जल्द पूरी करने की बात कही। 
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