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Butter Festival: 15 अगस्त को झंडारोहण के साथ होगा इस अनोखे उत्सव का आगाज, खेली जाएगी मक्खन-मट्ठे की होली

Wed, 03 Aug 2022 07:50 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
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बटर फेस्टिवल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
रंगों और फूलों से होली के बारे में आपने जरूर सुना होगा। लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसी जगह भी है, जहां पर सदियों से दूध-मक्खन की अनूठी होली खेली जाती है। कोरोना महामारी के दो साल बाद दायारा बुग्याल में पारंपरिक एवं ऐतिहासिक अंढूड़ी उत्सव (बटर फेस्टिवल) का भव्य आयोजन होगा। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर दयारा बुग्याल में झंडा रोहण के साथ उत्सव का आगाज किया जाएगा। बटर फेस्टिवल में मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को आमंत्रित किया गया है। 

बुधवार को दयारा पर्यटन उत्सव समिति रैथल के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता की। समिति के अध्यक्ष मनोज राणा ने कहा कि बटर फेस्टिवल को आजादी का अमृत महोत्सव से जोड़ते हुए पहली बार दयारा बुग्याल में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों के साथ झंडा रोहण किया जाएगा। बटर फेस्टिवल 17 अगस्त को होगा। 
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बटर फेस्टिवल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
दयारा बुग्याल में रैथल के ग्रामीण सदियों से भाद्रप्रद महीने की संक्रांति को दूध मक्खन मट्ठा की होली खेलते हैं। प्रकृति का आभार जताने वाले इस अनोखे उत्सव का आयोजन रैथल गांव की दयारा पर्यटन उत्सव समिति व ग्राम पंचायत बीते कई वर्षों से करते आ रही है, जिससे देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बन सकें। 
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बटर फेस्टिवल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वर्तमान समय में बटर फेस्टिवल के नाम से मशहूर हो चुके इस आयोजन से उत्तरकाशी के साथ उत्तराखंड राज्य की लोक संस्कृति का देश-विदेश में प्रचार-प्रसार हुआ है। दयारा बुग्याल के आधार शिविर रैथल गांव के निवासी पंकज कुशवाल ने बताया कि यह आयोजन प्रकृति का आभार जताने के लिए किया जाता है। 

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बटर फेस्टिवल में नृत्य करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
ऊंचे बुग्यालों में उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर घास और अनुकूल वातावरण का फर्क दुधारु पशुओं पर पड़ता है, जिससे उनकी दूध देने की क्षमता भी बढ़ती है। सर्दियों में जब ग्रामीण अपने पशुओं के साथ बुग्याल से गांव की ओर लौटते हैं तो स्वयं और पशुओं की रक्षा के लिए दूध और मक्खन चढ़ाकर प्रकृति का आभार जताते हैं। इसी खुशी में यहां दूध-मक्खन की होली का आयोजन किया जाता है।
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बटर फेस्टिवल में राधा कृष्ण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
दूध-मक्खन की होली में राधा व कृष्ण की वेशभूषा में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र होते हैं। जो दूध-मक्खन से भरी मटकी फोड़कर त्यौहार का शुभारंभ करते हैं। जिसके बाद ग्रामीण एक दूसरे पर दूध और मक्खन की बारिश करते हैं। दयारा बुग्याल की मखमली घास पर दूध-मक्खन बिखरा नजर आता है।
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