इसी दिन शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उनका परिवार वर्तमान में ऋषिकेश के गंगा नगर में रहता है, वह पौड़ी के इडवालस्यूं पट्टी के कंडारी गांव के रहने वाले हैं। शहर के एक निजी अस्पताल में उनकी पत्नी को मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।