देश का पहला ‘पराग कण पार्क’ (पॉलीनेटर पार्क) नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में रामपुर रोड स्थित वन अनुसंधान केंद्र में बनाया गया है। मंगलवार को इस पार्क का शुभारंभ तितली विशेषज्ञ पीटर स्मैटिक और वन अनुसंधान केंद्र के मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने फीता काटकर किया।
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- फोटो : अमर उजाला
वन अनुसंधान अधिकारियों के अनुसार फसल उत्पादन में चिड़िया, तितली, कीटपतंगों का विशेष महत्व होता है। ये प्राणी आम इंसान की पहुंच से दूर होते हैं इसलिए लोग इनका महत्व नहीं समझ पाते हैं।
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अनुसंधान केंद्र में तकरीब चार एकड़ वन भूमि पर पार्क बनाया गया है। इस पार्क में परागण करने वाले जीव जंतु चिड़िया, तितली, कीट पतंगों के लिए प्राकृतिक वास स्थल विकसित किया गया है।
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पार्क में मधुमक्खियों के रहने के लिए बी बॉक्स, तितलियों के परागण के लिए हर मौसम के फूल, कीट पतंगों के लिए व्हाइट एंड लाइट हाउस बनाए गए हैं। पार्क में छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं ताकि ये अपनी प्यास बुझा सकें।
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पार्क में इस समय तितली की 40, मधुमक्खियों की दो, चिड़ियों की 10-15 और कीट पतंगों की कई प्रजातियां हैं। तितली विशेषज्ञ पीटर स्मैटिक ने कहा कि विकास और अच्छे सुंदर गार्डन के नाम पर हम कीटों के रहने के स्थानों को खत्म कर रहे हैं।
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इस पार्क के माध्यम से हम लोगों को कीटों के बारे में जानकारी देंगे। मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने कहा कि पॉलीनेटर के उपर पूरी प्रकृति निर्भर करती है।
कीटनाशक, रासायन और प्रदूषण के कारण कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। इस पार्क को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और इन प्रजातियों को बचाना है।