भू-धंसाव से जूझ रहे उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ नगर पर अब भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। नगर के नीचे विष्णुप्रयाग की तरफ तेजी से भूस्खलन हो रहा है। जिस तरह से भूस्खलन का दायरा बढ़ रहा, उससे नगर के ऊपर नई मुसीबत खड़ी हो सकती है।
ज्योतिर्मठ के नीचे विष्णुप्रयाग में धौली गंगा के ऊपर पिछले दो-तीन दिनों में तेजी से भूस्खलन हो रहा है। यहां पर 2021 की रैणी आपदा के समय भी भूस्खलन हुआ था, लेकिन इस बार बरसात में यह काफी तेज हो गया है। लगातार मलबा नदी में गिर रहा है। यही नहीं यहां नए भूस्खलन जोन भी तैयार हो रहे हैं।
ज्योतिर्मठ नगर पर अब भूस्खलन का खतरा
- फोटो : अमर उजाला
भूस्खलन वाले क्षेत्र के ठीक ऊपर ज्योतिर्मठ का रविग्राम है। ऐसे में यदि भूस्खलन नहीं रुकता, तो रविग्राम सहित आसपास के इलाकों को खतरा पैदा हो सकता है।
विज्ञापन
3 of 5
ज्योतिर्मठ नगर पर अब भूस्खलन का खतरा
- फोटो : अमर उजाला
प्रकाश नेगी ने बताया, नगर में भू-धंसाव के समय से लोग सुरक्षा कार्यों को लेकर संघर्ष कर रहे, लेकिन सरकार ने मुआवजा देने के बाद सारी फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी हैं।
4 of 5
ज्योतिर्मठ नगर पर अब भूस्खलन का खतरा
- फोटो : अमर उजाला
अब विष्णुप्रयाग के पास भूस्खलन शुरू हो गया है, जिससे भविष्य में नगर को खतरा पैदा हो सकता है। एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों में हुई तेज बारिश से नदी किनारे भूस्खलन हुआ है।
ज्योतिर्मठ नगर पर अब भूस्खलन का खतरा
- फोटो : अमर उजाला
2021 की रैणी आपदा के समय धौली गंगा के ऊपर भूस्खलन हुआ था जो फिर सक्रिय हुआ है। नगर में सुरक्षात्मक कार्य सरकार के स्तर पर प्रस्तावित है, डीपीआर स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है।