कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि दबाव बनाना हरीश रावत का पुराना तरीका है। हरिद्वार में हरकी पैड़ी में भी हरीश रावत ने कहा था कि मैं चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ा। सोशल मीडिया में तैर रहे एक वीडियो में हरक ने हरीश रावत के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे लगता है कि हरीश रावत व उनके समर्थक शुरू से यह चाहते थे कि कांग्रेस मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे। लेकिन प्रभारी देवेंद्र यादव व राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से बयान आया कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं, कांग्रेस में विरोधी धड़ा इस बात को लेकर आक्रामक रहता है। हरीश रावत को लग रहा है कांग्रेस की सरकार आ गई तो पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। वह चुनाव से ठीक पहले इस तरह का दबाव बना रहे हैं। ये उनका पुराना तरीका है। हरक ने कहा कि मुझे याद है जब हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने हरिद्वार हरकी पैड़ी में धरना दिया और कहा कि मैं इससे बाद कोई चुनाव नहीं लडूंगा। उसके बाद 2009 का लोकसभा चुनाव लड़े, 2014 में पत्नी को चुनाव लड़ाया और केंद्र में मंत्री व मुख्यमंत्री रहे।