इस बीच चंद्रशेखर के दोनों वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों के हरिद्वार जाने के लिए अनुमति दिखाने की बात कही, लेकिन उनके पास अनुमति नहीं थी। इसी बीच भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह समेत 40 कार्यकर्ता बॉर्डर पर जा पहुंचे और हरिद्वार जाने की जिद पर अड़ गए, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई। महक सिंह ने कहा कि प्रशासन ने समय पूरा होने के बाद भी मूर्ति स्थापित नहीं की।