गन्ने के खेत में घास काटने गए एक मजदूर को देख घात लगाए बैठे बाघ ने इस तरह से उसे अपना निवाला बना लिया कि उसकी आवाज भी नहीं निकली। तस्वीरें देखिए...
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गन्ने के खेत में घास काटने गए एक मजदूर पर बाघ ने हमला कर दिया और उसे उठाकर पास के खेत में ले गया। साथी मजदूर ने उसे गायब देख ग्रामीणों के साथ खोजबीन की तो पास वाले गन्ने के खेत में उसका शव लहूलुहान पड़ा था। इससे गांव में दहशत फैल गई है।
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बाघ पकड़ने के लिए वन विभाग, पुलिस ने गांव में डेरा डाल दिया है। एसडीएम ने मौका मुआयना कर वन विभाग को गांव के लोगों की सुरक्षा, बाघ को ट्रैप करने के लिए कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
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कैलाश नदी के तट पर बसे तुर्कातिसौर गांव का निवासी शकूर अहमद (48) पुत्र मो. शफी मजदूरी करता था। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे शकूर अपने पड़ोसी मो. रफीक के साथ घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित जरनैल सिंह के गन्ने के खेत में घास काटने गया। शकूर, रफीक खेत में ही कुछ ही दूरी पर घाट काट रहे थे। इसी बीच गुरवचन सिंह के बराबर वाले गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने शकूर पर हमला कर दिया।
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बाघ का हमला इतना जबरदस्त था कि शकूर शोर भी नहीं कर सका और बाघ उसे घसीटते हुए गुरवचन के खेत में ले गया। रफीक ने जब आवाज लगाई तो शकूर का जवाब न मिला। उसने तुरंत उसके घर पहुंचकर परिजनों को बताया तो परिजन गांव के अन्य लोगों के साथ उसकी तलाश में जुट गए।
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शकूर का शव गुरवचन के खेत पड़ा मिला। यह देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और परिजनों में भी कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कोतवाल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और बाराकोली के रेंजर प्रदीप कुमार धौलखंडी, एसडीएम विनोद कुमार को बाघ के हमले की जानकारी दी।
वनकर्मियों ने घटनास्थल पर तलाशी अभियान चलाया और बाघ के पंजों के निशान लिए। एसडीएम विनोद कुमार ने एसडीओ वन प्रकाश चंद्र आर्य से फोन पर वार्ता कर गांव में निगरानी रखने और बाघ को ट्रैप करने के उपकरण लगाने को कहा। कोतवाल बीएस भाकुनी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा दिया है।