सोमवती अमावस्या का स्नान सोमवार को आर्द्रा नक्षत्र में शुरू हो गया। इस दौरान हजारों ने लोगों हर की पैड़ी सहित हरिद्वार और ऋषिकेश के तमाम घाटों पर पवित्र स्नान किया।
विज्ञापन
सोमवती अमावस्या पर तीर्थनगरी में उमड़े भक्त, किया पवित्र स्नान
2 of 4
somvati amavasya snan
- फोटो : amar ujala
रविवार की रात मृगशिरा नक्षत्र समाप्त होते ही मुहूर्त प्रारंभ हो गया। सोमवार को सांय 6.32 बजे तक स्नान का मुहूर्त बना रहेगा। चंद्रमा के रात नौ बजे मिथुन राशि में प्रवेश करते ही मुहूर्त प्रारंभ हुआ। यह पर्व काल सोमवार की देर शाम तक बना रहेगा। रविवार की रात से स्नान शुरू हो गया।
विज्ञापन
सोमवती अमावस्या पर तीर्थनगरी में उमड़े भक्त, किया पवित्र स्नान
3 of 4
somvati amavasya snan
सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और श्राद्घ का विशेष महत्व है। सवेरे गंगा स्नान कर हजारों महिलाओं ने नगर में फैले पीपल के वृक्षों की 108 परिक्रमाएं की। अनेक प्रकार के पदार्थ दान दिए। महिलाओं ने हरकी पैड़ी सहित गंगा तटों पर उद्यापन भी किया।
सोमवती अमावस्या पर तीर्थनगरी में उमड़े भक्त, किया पवित्र स्नान
4 of 4
somvati amavasya snan
कुशावर्त और नारायणी शिला पर नारायणी पितृ कर्म संपन्न कराए गए। स्नान के लिए यात्रियों का हरिद्वार आना रविवार शाम से शुरू हो गया। पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू कश्मीर से अधिक संख्या में यात्री पहुंचे हैं।