हरकी पैड़ी पर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि इस बार सोमवती अमावस्या का स्नान बहुत ही दुलर्भ संयोग के साथ पड़ा है। इंद्र योग में इस दिन स्नान, दान करने से पितृ तो प्रसन्न होते ही हैं उनका आशीर्वाद बना रहता है। अमावस्या तिथि आठ अप्रैल की सुबह तीन बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन इसी दिन मध्य रात्रि 11 बजकर 50 मिनट पर होगा।