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शुरुआती दौर में ही हांफने लगा रोपवे: 25 मिनट तक हवा में ही अटकी रहीं लोगों की सांसे, तस्वीरों में देखें आफत के वो पल

Mon, 11 Jul 2022 04:56 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा (टिहरी)।
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सुरकंडा देवी रोपवे - फोटो : अमर उजाला
सुरकंडा देवी रोपवे तैयार होने में छह साल का वक्त लगा। रोपवे निर्माण कार्य में लगातार विलंब के चलते कार्य की लागत डेढ़ गुना तक बढ़ी। लोड टेस्टिंग और तमाम तकनीकी जांच के बाद रोपवे संचालन की अनुमति मिल पाई। बावजूद इसके रोपवे सेवा शुरू होने के दो माह के अंतर्गत ही संचालन में तकनीकी दिक्कतें आने पर सवाल उठ रहे हैं।

कद्दूखाल-सुरकंडा देवी रोपवे के लिए वर्ष 2014-15 में 13 करोड़ की धनराशि मंजूर हुई थी। अक्तूबर 2016 में कद्दूखाल में रोपवे का शिलान्यास किया गया, लेकिन शुरूआती दौर में ही वन अधिनियम आड़े आने से कार्य में विलंब होता गया। शिलान्यास के आठ माह बाद 19 जून से कार्यदायी संस्था सुरकंडा देवी रोपवे प्रोजेक्ट कंपनी ने निर्माण शुरू किया। 30 नवंबर 2018 में कार्यदायी संस्था ने रोपवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

एक से 31 दिसंबर तक प्रतिदिन रोपवे का ट्रायल के बाद  एक जनवरी 2019 से रोपवे से श्रद्धालुओं को सुरकंडा मंदिर तक पहुंचाने की सेवाएं शुरू होनी थी, लेकिन तय समय पर कार्य पूरा न होने पर लोकार्पण के लिए जून 2020 की तिथि तय की गई। इस दौरान कोरोना संक्रमण काल में रोपवे का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। 2021 में कार्य शुरू होने और निर्माण में विलंब के चलते रोपवे की लागत बढ़कर 32 करोड़ तक पहुंच गई।

इस वर्ष चैत्र नवरात्र अप्रैल से रोपवे का संचालन शुरू करने की तिथि तय की गई, लेकिन चैत्र नवरात्र से पहले रोपवे की लोड टेस्टिंग और अन्य तकनीकी जांच नहीं होने के कारण 21 अप्रैल से ट्रायल के तौर पर सेवा शुरू की गई। 
एक मई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सुरकंडा पहुंचकर विधिवत रोपवे सेवा का शुभारंभ किया था। पहले चरण में रोपवे पर 12 ट्रालियां संचालित की जा रही थी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बाद पिछले जून से सभी 16 ट्रालियां संचालित की जा रही है। एक ट्राली में छह लोगों की बैठने की सुविधा उपलब्ध है। 
 
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रोपवे पर ट्रॉली में फंसे टिहरी विधायक व अन्य - फोटो : अमर उजाला
सुरकंडा देवी रोपवे की ट्राली अपने शुरुआती दौर में ही हांफने लगा। रोपवे के ट्रॉली में टिहरी विधायक सहित 30 श्रद्धालुओं की जान उस वक्त आफत में आ गई, जब ट्रॉली कई फीट ऊंचाई पर अचानक हवा में ही रुक गई। करीब 20 से 25 मिनट तक श्रद्धालु रोपवे की ट्राली में हवा में ही लटके रहे। टेक्निकल टीम ने किसी तरह खामी को ठीक करते हुए रोपवे शुरू कराया और सभी लोगों को सकुशल उतारा। तहसील प्रशासन ने फिलहाल रोपवे का संचालन बंद करवा दिया है।
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सुरकंडा देवी रोपवे - फोटो : अमर उजाला
रविवार शाम को करीब पांच बजे सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे की सभी ट्रालियां जैसे ही टावर नंबर चार के पास पहुंची, अचानक बंद हो गई। अलग-अलग ट्रालियों में टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय सहित 30 यात्रियों में हड़कंप मंच गया। ट्राली करीब 20-25 मिनट तक हवा में ही लटकी रही। बताया जा रहा है कि रोपवे का एलाइनमेंट आउट होने की वजह से यह घटना हुई। विधायक उपाध्याय ने कहा कि रोपवे की सुविधा के बाद सुरकंडा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन इस तरह की घटना से लोगों में डर बैठ जाता है। रोपवे संचालनकर्ता कंपनी को चाहिए कि इस कमी को तुरंत ठीक करे। उन्होंने जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि रोपवे की नियमित निगरानी की जाए।

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सुरकंडा देवी रोपवे - फोटो : अमर उजाला
सुकंडा देवी रोपवे के प्लांट मैनेजर निजामुुउद्दीन सैफी ने बताया कि ट्राली का चक्का स्लिप होने की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। बारिश के मौसम में इस तरह की दिक्कतें आती है। तकनीकी टीम ने 10 से 15 मिनट में खामियां दूर करते हुए विधायक उपाध्याय सहित सभी श्रद्धालुओं को ट्रालियों से सकुशल रोपवे परियोजना के प्लेटफार्म पर उतारा। उन्होंने बताया कि हर तीसरे महीने रोपवे की तकनीकी जांच कराई जाती है। कंपनी ने इस माह 18 जुलाई से शटडाउन लेने का निर्णय लिया था, लेकिन उससे पहले यह समस्या उत्पन्न हुई।
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सुरकंडा देवी रोपवे - फोटो : अमर उजाला
सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन फिलहाल बंद कर दिया गया है। रोपवे की तकनीकी जांच के लिए ब्रिडकुल (ब्रिज रोपवे टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड) को पत्र भेजा गया है। ब्रिडकुल के इंजीनियर एक-दो दिन में मौके पर आकर निरीक्षण करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रोपवे का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।
-लक्ष्मी राज चौहान, एसडीएम, धनोल्टी
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सुरकंडा देवी रोपवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल सुरकंडा रोपवे संचालन के ढाई माह के अंदर ही तकनीकी खामियां आने पर सवाल उठने लगे हैं। 32 करोड़ की लागत से तैयार सुरकंडा देवी रोपवे बीते 21 अप्रैल सेे पीपीपी मोड में संचालित होने लगा था। एक मई को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सुरकंडा पहुंचकर विधिवत रोपवे सेवा का शुभारंभ किया था। तब से अभी तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु रोपवे से दर्शनों के लिए सिद्धपीठ सुरकंडा मंदिर पहुंच चुके हैं। रोपवे पर 16 ट्रालियां लगाई गई है। सुरकंडा देवी मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी का कहना कि रोपवे की ट्रालियां एकाएक बंद होना गंभीर मामला है। इससे लोगों में भय का माहौल बनता है। रोपवे कंपनी को चाहिए कि इसकी तकनीकी जांच समय-समय पर करते रहें।
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